अमेरिका और ईरान के बीच चल रही तनातनी के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का एक बड़ा बयान सामने आया है। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर दोनों देशों के बीच बातचीत नाकाम रही, तो वे ईरान में अपनी स्पेशल फोर्सेज (विशेष बल) भेजने पर विचार करेंगे। खाड़ी क्षेत्र में बढ़े तनाव और हालिया सैन्य हमलों के बीच इस बयान ने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा है। आइए जानते हैं इस पूरे मामले में क्या-क्या बड़ी बातें सामने आई हैं।

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर क्या बड़ा दावा किया है?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एनबीसी न्यूज से बातचीत में कहा कि अगर ईरान के साथ बातचीत फेल होती है, तो वाशिंगटन ईरान की सैन्य क्षमताओं को कमजोर करने के लिए कड़े कदम उठाएगा। ट्रंप ने साफ किया कि अमेरिकी सेना वहां सुरक्षित रूप से यूरेनियम को अपने कब्जे में लेने का काम करेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि बातचीत नाकाम होने पर अमेरिका बहुत ही सख्त सैन्य कार्रवाई कर सकता है। हालांकि, ट्रंप ने यह भी कहा कि दोनों देश समझौते के काफी करीब हैं, लेकिन जब तक अंतिम समझौता नहीं हो जाता, अमेरिकी सेना इस क्षेत्र में बनी रहेगी।

हाल ही में क्या सैन्य टकराव हुए हैं?

इस बयान के पीछे हाल के दिनों में हुए बड़े सैन्य टकराव भी एक मुख्य कारण हैं। हाल ही में अमेरिका ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर जवाबी हवाई हमले किए थे। यह कार्रवाई तब हुई जब ईरान ने कुवैत और बहरीन को निशाना बनाकर कई मिसाइलें और ड्रोन दागे थे। इसके अलावा ईरान ने इसराइल की तरफ भी कई मिसाइलें दागीं, जिससे वहां सायरन बज उठे। इससे पहले अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने हॉरमुज जलडमरूमध्य के पास ईरान के चार लड़ाकू ड्रोन मार गिराए थे और ईरान के तटीय रडार सिस्टम को नष्ट कर दिया था।

ईरान और अमेरिकी प्रशासन का इसपर क्या रुख है?

ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकिर कलीबाफ ने कहा है कि क्षेत्र में अमेरिकी ठिकाने और इसराइल की संपत्तियां अब हमारे वैध निशाने पर हैं। कलीबाफ ने आरोप लगाया कि अमेरिका और इसराइल केवल ताकत की भाषा समझते हैं। दूसरी तरफ, अमेरिकी युद्ध मंत्री पीट हेगसेथ ने पुष्टि की है कि अमेरिका और ईरान के बीच संघर्षविराम अभी भी लागू है और दोनों पक्षों के बीच बातचीत सक्रिय रूप से चल रही है। ट्रंप ने यह भी साफ कर दिया है कि नए समझौते में ईरान के फंड को तुरंत जारी नहीं किया जाएगा और न ही प्रतिबंधों में तुरंत कोई राहत मिलेगी।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या अमेरिका पहले भी ईरान में अपनी सेना भेजने पर विचार कर रहा था?

हां, रिपोर्ट्स के मुताबिक ट्रंप ने पहले ईरान के समृद्ध यूरेनियम को सुरक्षित करने के लिए अमेरिकी स्पेशल ऑपरेशन्स फोर्सेज भेजने पर विचार किया था, लेकिन भारी जोखिमों के कारण इस विचार को टाल दिया गया था।

क्या नए समझौते के तहत ईरान को तुरंत प्रतिबंधों से राहत मिलेगी?

डोनाल्ड ट्रंप ने साफ किया है कि नए समझौते में ईरान के फंड को तुरंत अनलॉक नहीं किया जाएगा और न ही प्रतिबंधों में तुरंत राहत मिलेगी। यह सब ईरान के व्यवहार में बदलाव के बाद ही होगा।