डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि Strait of Hormuz को तुरंत खोला जाना चाहिए। खबर है कि ट्रंप ईरान पर सैन्य हमला करने ही वाले थे, लेकिन सऊदी अरब और कुवैत जैसे खाड़ी देशों के कहने पर उन्होंने इसे रोक दिया। अब पाकिस्तान की मदद से शांति समझौते के लिए बातचीत चल रही है और पूरी दुनिया की नजर इस रास्ते पर है।

Strait of Hormuz में क्या चल रहा है और क्यों है विवाद

यह समुद्री रास्ता तेल टैंकरों के लिए प्रभावी रूप से बंद था, जिसकी वजह से दुनिया भर में तेल की सप्लाई में बड़ी दिक्कतें आईं। डोनाल्ड ट्रंप ने पहले इस बंदी को अमेरिका के लिए एक छोटी समस्या बताया था, लेकिन उनका कहना है कि समझौता होते ही इसे फिर से खोल दिया जाएगा। वहीं, ईरान की IRGC ने दावा किया कि 20 मई 2026 से पहले के 24 घंटों में उनके तालमेल से 26 कमर्शियल जहाज इस रास्ते से गुजरे हैं। इस समय अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों की घेराबंदी कर रखी है और ईरान ने धमकी दी है कि अगर हमले दोबारा शुरू हुए तो वह इस जंग को मिडिल ईस्ट से बाहर ले जाएगा।

ट्रंप के हमले रुकने की वजह और पाकिस्तान की भूमिका

20 मई 2026 को डोनाल्ड ट्रंप ईरान पर नए सैन्य हमलों का आदेश देने के करीब एक घंटे की दूरी पर थे। लेकिन जब सऊदी अरब और कुवैत जैसे खाड़ी सहयोगियों ने शांति समझौते की उम्मीद जताई, तो ट्रंप ने हमले टाल दिए। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर चेतावनी दी कि ईरान के पास समय बहुत कम है और उन्हें जल्द कदम उठाना होगा, वरना अंजाम बुरा होगा। इस तनाव के बीच पाकिस्तान एक मध्यस्थ के रूप में काम कर रहा है और अमेरिका व ईरान के बीच शांति समझौते के लिए गंभीर बातचीत करवा रहा है।

खाड़ी देशों और अमेरिकी सेना की कार्रवाई

सऊदी अरब और कुवैत ने ट्रंप से अपील की थी कि वे सैन्य कार्रवाई को रोकें ताकि डिप्लोमैटिक कोशिशें कामयाब हो सकें। शुरुआत में इन देशों ने ‘Project Freedom’ के लिए अमेरिकी सेना को अपने बेस और हवाई क्षेत्र इस्तेमाल करने से मना कर दिया था, लेकिन बाद में उन्होंने यह पाबंदी हटा ली। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने भी नेविगेशन की आजादी सुनिश्चित करने के लिए इस प्रोजेक्ट का समर्थन किया। इससे पहले 7 मई 2026 को अमेरिकी युद्धपोतों USS Truxtun, USS Rafael Peralta और USS Mason पर हुए ईरानी हमलों को अमेरिकी सेना ने नाकाम किया था।

Frequently Asked Questions (FAQs)

Strait of Hormuz का बंद होना दुनिया के लिए क्यों समस्या है

यह रास्ता ग्लोबल ऑयल सप्लाई के लिए बहुत जरूरी है। इसके बंद होने से तेल टैंकरों की आवाजाही रुक जाती है, जिससे पूरी दुनिया में तेल की कमी हो सकती है और कीमतें बढ़ सकती हैं।

ईरान और अमेरिका के बीच शांति के लिए कौन मध्यस्थता कर रहा है

पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच एक मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। वह दोनों देशों के बीच गंभीर बातचीत करवाकर एक शांति समझौता करवाने की कोशिश कर रहा है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.