Donald Trump की ईरान को बड़ी धमकी, समझौता टूटा तो करेंगे और भी भीषण हमला, Strait of Hormuz पर बढ़ा तनाव.
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान को एक बार फिर सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने साफ कहा है कि अगर ईरान हाल ही में हुए समझौते का पालन नहीं करता है, तो अमेरिका और भी ज्यादा ताकत के साथ हमला करेगा। यह बयान तब आया है जब पाकिस्तान की मध्यस्थता में हुआ दो हफ्ते का संघर्षविराम (Ceasefire) मुश्किल में नजर आ रहा है। Strait of Hormuz के रास्ते को लेकर दोनों देशों के बीच तनाव लगातार बना हुआ है।
अमेरिका और ईरान के बीच क्या हुआ था समझौता?
7 अप्रैल 2026 को पाकिस्तान की कोशिशों के बाद अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते का एक अस्थाई समझौता हुआ था। इसमें मुख्य शर्त यह थी कि ईरान Strait of Hormuz को पूरी तरह और सुरक्षित रूप से जहाजों के लिए खुला रखेगा। Donald Trump ने शुरुआत में इसे एक बड़ी जीत बताया था, लेकिन अब दोनों देशों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। ईरान ने अमेरिका पर समझौते की तीन शर्तों को तोड़ने का आरोप लगाया है, जबकि अमेरिका ने ईरान की हरकतों पर नजर रखने की बात कही है।
तनाव बढ़ने की मुख्य वजहें और वर्तमान स्थिति क्या है?
| मुख्य बिंदु | विवरण |
|---|---|
| Strait of Hormuz | ईरान ने समुद्र में बारूदी सुरंगों के खतरे का हवाला देकर वैकल्पिक रास्तों का ऐलान किया है। |
| पाकिस्तान की भूमिका | प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने संघर्षविराम के उल्लंघन की खबरें मिलने की पुष्टि की है। |
| अमेरिका का रुख | White House ने Strait of Hormuz के बंद होने की खबरों का खंडन किया है। |
| इजराइल का पक्ष | Netanyahu ने समझौते का समर्थन किया है लेकिन लेबनान में लड़ाई जारी रखने की बात कही है। |
खाड़ी देशों और प्रवासियों पर इसका क्या असर होगा?
इस ताजा तनाव का सीधा असर खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय प्रवासियों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर पड़ सकता है। अगर Strait of Hormuz के रास्ते में रुकावट आती है, तो समुद्री व्यापार और तेल की सप्लाई प्रभावित होने का डर है। सऊदी अरब ने इस शांति समझौते का स्वागत किया था ताकि क्षेत्र में स्थिरता बनी रहे। जो लोग खाड़ी देशों में काम करते हैं या वहां अक्सर यात्रा करते हैं, उनके लिए यह स्थिति चिंता का विषय बनी हुई है क्योंकि इससे हवाई और समुद्री यातायात के नियमों में बदलाव हो सकता है।





