अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज स्ट्रेट को लेकर विवाद एक बार फिर गहरा गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने साफ शब्दों में मांग की है कि होर्मुज स्ट्रेट को बिना किसी टोल या टैक्स के सभी जहाजों के लिए तुरंत खोला जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह एक अंतरराष्ट्रीय मार्ग है और इस पर किसी का भी मनमाना नियंत्रण स्वीकार नहीं किया जाएगा। वहीं दूसरी ओर ईरान ने इस मांग को खारिज करते हुए कहा है कि इस क्षेत्र पर उसका प्रबंधन पूरी तरह स्थापित है और जहाजों को वहां से गुजरने के लिए शुल्क देना ही होगा।
डोनाल्ड ट्रम्प और अमेरिकी प्रशासन ने क्या मांग रखी है?
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ट्रुथ सोशल पर जानकारी दी कि वह ईरान के साथ किसी भी संभावित समझौते पर अंतिम निर्णय लेने के लिए सिचुएशन रूम जा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी समझौते के लिए ईरान को परमाणु हथियार न बनाने की प्रतिबद्धता देनी होगी। इसके अलावा, होर्मुज स्ट्रेट को बिना किसी शुल्क के दोनों तरफ से जहाजों की आवाजाही के लिए तुरंत खोलना होगा। अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने भी स्पष्ट किया कि ईरान को प्रतिबंधों में ढील तभी मिलेगी जब वह होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह खोलेगा और अपना समृद्ध यूरेनियम सौंपेगा। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बताया कि 13 अप्रैल से जारी सैन्य नाकेबंदी के बाद से अब तक 115 वाणिज्यिक जहाजों का मार्ग बदला जा चुका है।
ईरान का इस विवाद पर क्या रुख है?
ईरान के मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बागेर गालिबफ ने सोशल मीडिया पर कहा कि ईरान बातचीत से नहीं बल्कि अपनी मिसाइलों के दम पर रियायतें हासिल करता है। उनका कहना है कि वे केवल बातों पर नहीं बल्कि काम पर भरोसा करते हैं। इसके साथ ही ईरान के राष्ट्रीय सुरक्षा आयोग के प्रवक्ता इब्राहिम रज़ाई ने दावा किया कि होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान का नियंत्रण पूरी दुनिया स्वीकार कर चुकी है। उन्होंने कहा कि वहां से गुजरने वाले जहाजों को अनुमति लेनी पड़ती है और रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के मार्गदर्शन में शुल्क का भुगतान करना पड़ता है। ईरानी अधिकारियों के अनुसार, केवल ट्रम्प ही इस व्यवस्था को स्वीकार नहीं कर रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून क्या कहता है?
संयुक्त राष्ट्र के समुद्री कानून (UNCLOS) के तहत होर्मुज स्ट्रेट को अंतरराष्ट्रीय मार्ग माना गया है। इस नियम के अनुसार, दुनिया के सभी जहाजों को इस मार्ग से बिना किसी रुकावट के गुजरने का अधिकार प्राप्त है। कानून के मुताबिक इस मार्ग से गुजरने वाले जहाजों पर कोई देश टैक्स या टोल नहीं लगा सकता है। अमेरिका का पक्ष है कि ईरान इस मार्ग को नियंत्रित तो कर सकता है लेकिन वह इसे बंद नहीं कर सकता और न ही जबरन शुल्क वसूल सकता है। इसके विपरीत ईरान अपने घरेलू कानूनों का हवाला देकर इस मार्ग पर शुल्क वसूलने और अनुमति लेने की बात कह रहा है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
होर्मुज स्ट्रेट को लेकर ट्रम्प की मुख्य मांग क्या है?
डोनाल्ड ट्रम्प की मांग है कि होर्मुज स्ट्रेट को तुरंत और बिना किसी टोल टैक्स के सभी प्रकार के वाणिज्यिक जहाजों की आवाजाही के लिए दोनों दिशाओं में खोला जाए।
ईरान होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों से क्या मांग कर रहा है?
ईरान का दावा है कि वहां से गुजरने वाले जहाजों को ईरान की अनुमति लेनी होगी, आवश्यक शुल्क का भुगतान करना होगा और रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा।
क्या अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत इस स्ट्रेट पर टैक्स लगाया जा सकता है?
संयुक्त राष्ट्र के समुद्री कानून (UNCLOS) के अनुसार, होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों पर कोई भी देश टोल या टैक्स नहीं वसूल सकता क्योंकि यह एक अंतरराष्ट्रीय मार्ग है।