अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान को लेकर एक बड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने साफ कहा है कि ईरान के प्रति उनका सब्र अब खत्म होने वाला है और तेहरान को जल्द से जल्द वॉशिंगटन के साथ समझौता करना चाहिए। इस बयान के बाद दोनों देशों के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है।

ईरान की शर्तें और Trump का इनकार

  • ईरान ने पाकिस्तानी मध्यस्थों के जरिए एक शांति प्रस्ताव भेजा था जिसमें युद्ध के नुकसान की भरपाई और प्रतिबंध हटाने की मांग की गई थी।
  • ईरान ने हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर अपनी पूरी संप्रभुता और जब्त की गई अपनी संपत्तियों की वापसी की मांग की थी।
  • Donald Trump ने इस प्रस्ताव को पूरी तरह खारिज कर दिया और इसे अस्वीकार्य बताया क्योंकि इसमें परमाणु कार्यक्रम को लेकर पर्याप्त गारंटी नहीं थी।
  • Trump ने कहा कि ईरान के साथ मौजूदा युद्धविराम बहुत कमजोर स्थिति में है और यह केवल पाकिस्तान और अन्य देशों के अनुरोध पर एक एहसान के तौर पर किया गया था।

चीन की भूमिका और ईरान की प्रतिक्रिया

  • चीन के राष्ट्रपति Xi Jinping के साथ बीजिंग में बातचीत के बाद Trump ने बताया कि दोनों नेता इस बात पर सहमत हुए कि तेहरान को हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य फिर से खोलना होगा।
  • हालांकि, चीन ने सार्वजनिक रूप से इस मामले में सीधे हस्तक्षेप करने की बात नहीं कही है।
  • दूसरी ओर, ईरान के संसदीय प्रवक्ता Ebrahim Rezaei ने चेतावनी दी कि अगर उन पर फिर से हमला हुआ तो वे यूरेनियम को 90% शुद्धता तक समृद्ध कर सकते हैं।
  • ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने कहा कि उन्हें अमेरिका पर भरोसा नहीं है क्योंकि वॉशिंगटन से विरोधाभासी संदेश मिल रहे हैं।
  • ईरानी संसद के स्पीकर Mohammad Bagher Qalibaf ने भी साफ किया कि ईरान किसी भी हमले का करारा जवाब देने के लिए तैयार है।

सऊदी अरब और पाकिस्तान का रुख

पाकिस्तान इस समय अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है और दोनों पक्षों के प्रस्तावों को आगे बढ़ा रहा है। वहीं सऊदी अरब आधिकारिक तौर पर शांतिपूर्ण समाधान का समर्थन कर रहा है और अपने नागरिक बुनियादी ढांचे की रक्षा करना चाहता है। हालांकि, जनवरी 2026 में सऊदी रक्षा मंत्री प्रिंस Khalid bin Salman ने निजी तौर पर Trump से ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई जारी रखने का आग्रह किया था।

Frequently Asked Questions (FAQs)

Donald Trump ने ईरान के शांति प्रस्ताव को क्यों खारिज किया?

Trump ने ईरान के प्रस्ताव को इसलिए खारिज किया क्योंकि इसमें परमाणु कार्यक्रम को रोकने की पर्याप्त गारंटी नहीं थी और प्रस्ताव की कुछ शर्तें उनके लिए स्वीकार्य नहीं थीं।

ईरान ने अमेरिका को क्या चेतावनी दी है?

ईरान के संसदीय प्रवक्ता ने कहा है कि यदि उन पर फिर से हमला किया गया, तो वे यूरेनियम संवर्धन को 90% तक ले जा सकते हैं और किसी भी आक्रमण का कड़ा जवाब देंगे।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.