अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान में चल रही शांति बातचीत पूरी तरह फेल हो गई है। इस घटना के बाद राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि वह ईरान के पूरे एनर्जी सिस्टम और पुलों को एक ही दिन में तबाह कर सकते हैं। साथ ही, अमेरिका ने Strait of Hormuz की नाकाबंदी का आदेश दे दिया है जिससे तनाव काफी बढ़ गया है।

इस्लामाबाद में बातचीत क्यों नहीं हो पाई?

अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान के इस्लामाबाद में करीब 21 घंटे तक बातचीत चली। US के उपराष्ट्रपति JD Vance ने बताया कि अमेरिका ने अपना आखिरी और सबसे अच्छा ऑफर दिया था, लेकिन ईरान ने उसे नहीं माना। ईरान के अधिकारियों का कहना है कि अमेरिका और उनके बीच भरोसे की भारी कमी है, जिसकी वजह से कोई समझौता नहीं हो सका।

Trump ने ईरान के खिलाफ क्या कदम उठाए?

बातचीत टूटने के बाद Trump ने Fox News को बताया कि उनकी सख्त बातों की वजह से ईरान बातचीत की मेज पर आया था। उन्होंने चेतावनी दी कि वह ईरान के इंफ्रास्ट्रक्चर को एक घंटे में खत्म कर सकते हैं जिससे देश दोबारा खड़ा नहीं हो पाएगा। Trump ने Truth Social पर भी एक लेख शेयर किया जिसमें नौसेना द्वारा नाकाबंदी (Naval Blockade) करने की बात कही गई थी।

इस विवाद का असर और जानकारों की राय क्या है?

Strait of Hormuz की नाकाबंदी से तेल के व्यापार पर असर पड़ेगा, जिसका सीधा प्रभाव खाड़ी देशों और वहां रह रहे भारतीय प्रवासियों पर भी पड़ सकता है। एक्सपर्ट Christine Fair ने अमेरिकी टीम को कम अनुभवी बताया है, जबकि पूर्व राजनयिक Mahesh Sachdev का मानना है कि अगर यह युद्ध बढ़ा तो Trump को महाभियोग (impeachment) का सामना करना पड़ सकता है।

प्रमुख पक्ष प्रतिनिधि/भूमिका
अमेरिका Donald Trump, JD Vance, Steve Witkoff, Jared Kushner
ईरान Mohammad Baqer Ghalibaf, Abbas Araqchi, Ali Bagheri Kani
मध्यस्थ पाकिस्तान (इस्लामाबाद में बातचीत)