अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा तनाव अब एक बहुत ही गंभीर स्तर पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को खुली चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर उन्होंने शांति समझौता नहीं किया, तो मंगलवार का दिन उनके लिए बेहद भारी होने वाला है। इस बीच, अमेरिकी सेना ने ईरान में फंसे अपने एक सीनियर पायलट को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। दूसरी तरफ, ईरान के बुशहर परमाणु संयंत्र के पास हुए हमलों ने खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ा दी है क्योंकि इससे जहरीले रेडिएशन के फैलने का खतरा पैदा हो गया है।

🗞️: OPEC+ का बड़ा बयान, तबाह हुए तेल सेंटर्स को ठीक करने में लगेगा सालों का समय और अरबों का खर्चा.

ट्रंप की आखिरी चेतावनी और ईरान का कड़ा रुख

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए ईरान को साफ कह दिया है कि अगर अगले 48 घंटों में हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को पूरी तरह नहीं खोला गया, तो ईरान पर भारी हमला किया जाएगा। ट्रंप ने कहा कि मंगलवार का दिन ईरान के पावर प्लांट और पुलों के लिए तबाही लेकर आएगा। इसके जवाब में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका पर मीडिया के जरिए गलत खबरें फैलाने का आरोप लगाया है। ईरान के सैन्य जनरल ने भी पलटवार करते हुए कहा है कि अगर ईरान के बुनियादी ढांचे पर हमला हुआ, तो वे भी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाएंगे।

बुशहर प्लांट पर हमला और खाड़ी देशों पर इसका असर

ईरान के बुशहर न्यूक्लियर पावर प्लांट के पास हुए हमलों के बाद पूरी दुनिया में खलबली मच गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर परमाणु संयंत्र को नुकसान पहुंचता है, तो इसका असर केवल ईरान तक सीमित नहीं रहेगा। खाड़ी देशों (GCC) में रहने वाले प्रवासियों और स्थानीय नागरिकों के लिए यह एक बड़ी स्वास्थ्य चुनौती बन सकता है।

  • IAEA और WHO ने परमाणु हादसे को लेकर गहरी चिंता जताई है।
  • ईरानी विदेश मंत्री ने चेतावनी दी है कि रेडिएशन का असर तेहरान से ज्यादा दुबई और अन्य खाड़ी देशों की राजधानियों पर हो सकता है।
  • रूस ने प्लांट में काम कर रहे अपने 198 कर्मचारियों को वहां से निकालना शुरू कर दिया है।
  • इस हमले में प्लांट की एक सहायक इमारत को नुकसान पहुंचा है और एक व्यक्ति की मौत हुई है।

अमेरिकी पायलट का सुरक्षित रेस्क्यू मिशन

अमेरिकी सेना ने एक बहुत ही साहसी ऑपरेशन चलाकर अपने लापता कर्नल को सुरक्षित बचा लिया है, जिनका विमान ईरान में गिर गया था। ट्रंप ने इसे अमेरिकी इतिहास के सबसे साहसी बचाव अभियानों में से एक बताया है। इस रेस्क्यू के दौरान अमेरिकी विमानों और ईरान की सेना के बीच जबरदस्त गोलीबारी भी हुई। ईरान की मीडिया का दावा है कि उन्होंने कुछ अमेरिकी विमानों को नुकसान पहुंचाया है, लेकिन अमेरिकी रक्षा विभाग ने पुष्टि की है कि उनका पायलट अब सुरक्षित है और उसका इलाज चल रहा है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.