Trump का ईरान को बड़ा अल्टीमेटम, हिजबुल्लाह की फंडिंग रोकने को कहा, अमेरिका देगा लेबनान की मदद
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान पर दबाव बढ़ाते हुए एक बड़ा बयान दिया है. उन्होंने साफ कहा कि ईरान को हिजबुल्लाह को दी जाने वाली आर्थिक मदद तुरंत बंद करनी होगी. इस बीच ट्रंप ने इजरायल और लेबनान के बीच युद्धविराम को तीन हफ्ते और बढ़ा दिया है और लेबनान को हिजबुल्लाह के खिलाफ खुद की रक्षा करने में मदद करने का वादा किया है.
ट्रंप ने ईरान को क्या चेतावनी दी?
Trump ने कहा कि अगर ईरान किसी पक्के और हमेशा चलने वाले समझौते के लिए तैयार नहीं हुआ, तो अमेरिका फिर से सैन्य हमले शुरू कर देगा. उन्होंने यह दावा किया कि ईरान की सेना कमजोर हो चुकी है और उसकी अर्थव्यवस्था पूरी तरह से टूट रही है. इसके अलावा, ट्रंप ने अमेरिकी नौसेना को सख्त आदेश दिया है कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य में माइन बिछाने वाले किसी भी ईरानी जहाज को देखते ही मार गिराया जाए.
हिजबुल्लाह को मिलने वाली फंडिंग का क्या हिसाब है?
रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान हिजबुल्लाह का सबसे बड़ा मददगार है और उसे हर साल करोड़ों डॉलर देता है. मार्च 2025 से मार्च 2026 के बीच ईरान ने लगभग 2 अरब डॉलर भेजे, जो कि सामान्य तौर पर दी जाने वाली रकम से दोगुना है. यह पैसा मुख्य रूप से चीन को तेल बेचकर कमाया जाता है और फिर गुप्त बैंकिंग नेटवर्क के जरिए भेजा जाता है.
| विवरण | रकम/जानकारी |
|---|---|
| मार्च 2025 से मार्च 2026 तक कुल फंडिंग | लगभग 2 अरब डॉलर |
| हिजबुल्लाह का मासिक खर्च | करीब 50 मिलियन डॉलर |
| 2025 से अब तक की कुल सप्लाई | करीब 1 अरब डॉलर |
| नवंबर 2025 में भेजी गई रकम | लगभग 1 अरब डॉलर |
| फंडिंग का मुख्य स्रोत | चीन को तेल निर्यात |
| अन्य आय के स्रोत | सोना व्यापार, ड्रग तस्करी और ऑनलाइन जुआ |
ईरान और अन्य देशों की क्या प्रतिक्रिया है?
ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने ट्रंप के उन दावों को खारिज कर दिया जिनमें कहा गया था कि ईरान के अंदरूनी नेतृत्व में झगड़े चल रहे हैं. उन्होंने देश की एकता पर जोर दिया. इस पूरे मामले में पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत कराने की कोशिश कर रहा है. वहीं, रिपोर्ट बताती है कि हिजबुल्लाह अब भारी वित्तीय संकट से गुजर रहा है और पैसे की कमी पूरी करने के लिए गैरकानूनी रास्तों का सहारा ले रहा है.