अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने बुधवार को ईरान पर फिर से बड़े पैमाने पर सैन्य हमले करने की बात कही है। उन्होंने साफ कहा है कि वह ईरान के खिलाफ और भी बड़े हमले करने पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं। फिलहाल इस पर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है, लेकिन अमेरिका की सेना ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर पिछले 12 दिनों से लगातार हमले जारी रखे हैं।
तनाव के बीच ईरान और अमेरिका की आमने-सामने की स्थिति
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर चेतावनी दी है कि अगर हूती विद्रोहियों ने समुद्री जहाजों पर हमले बंद नहीं किए, तो अमेरिका ईरान को ही इसका जिम्मेदार मानकर उस पर और हूतियों पर भारी सैन्य कार्रवाई करेगा। उधर, ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने भी जवाबी कार्रवाई की धमकी दी है। इस बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स ने 214-208 के वोट से एक प्रस्ताव पारित किया है, जिसमें बिना संसद की मंजूरी के सैन्य कार्रवाई रोकने की मांग की गई है।
मिडिल ईस्ट में बढ़ रही सुरक्षा की चिंता
हाल ही में 22 जुलाई को लाल सागर में सऊदी अरब के दो तेल टैंकरों पर हमले हुए, जिसके बाद ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने कुवैत और जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर हमलों का दावा किया है। इन हालातों को देखते हुए अमेरिका अब मिडिल ईस्ट में अतिरिक्त सैनिक, लड़ाकू विमान और हथियार तैनात कर रहा है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव Antonio Guterres ने भी चेतावनी दी है कि यह संघर्ष पूरे मध्य पूर्व को एक बहुत बड़े संकट की ओर धकेल रहा है।
