अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए फिर से समुद्री नाकाबंदी (naval blockade) लगाने के संकेत दिए हैं। यह बयान होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के पास व्यापारिक जहाजों पर हुए हमलों के बाद आया है। ट्रंप ने तुर्की के अंकारा में NATO समिट के दौरान यूक्रेनी राष्ट्रपति Volodymyr Zelenskyy से मुलाकात के समय यह बात कही।
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जहाजों पर हमले और अमेरिका की जवाबी कार्रवाई
7 जुलाई 2026 को कई व्यापारिक जहाजों पर मिसाइल हमले हुए थे। जानकारी के मुताबिक 24 घंटे के भीतर तीन हमले दर्ज किए गए। इसके जवाब में US Central Command (CENTCOM) ने ईरान के 80 से ज्यादा ठिकानों पर जोरदार हमला किया। इन ठिकानों में ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम, कमांड-एंड-कंट्रोल नेटवर्क और कई छोटी नावें शामिल थीं। CENTCOM ने ईरान की इन हरकतों को खतरनाक और युद्धविराम का उल्लंघन बताया।
समझौते पर मंडराया खतरा
जून के महीने में ईरान और अमेरिका के बीच एक समझौता (MOU) हुआ था। इसके तहत ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हमले बंद करने की सहमति दी थी। लेकिन ताजा हमलों के बाद ऐसा लग रहा है कि यह समझौता अब खत्म हो सकता है।
दुनिया भर में प्रतिक्रिया
NATO प्रमुख Mark Rutte ने अमेरिका द्वारा किए गए सैन्य हमलों का समर्थन किया और इसे बेहद जरूरी बताया। वहीं कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Majed Al Ansari ने एक कतरी टैंकर पर हुए हमले के लिए सीधे तौर पर ईरान को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने ईरान से अपील की कि वह ऐसी हरकतें बंद करे जिससे समुद्री रास्तों की सुरक्षा को खतरा हो।
ईरान का सख्त रुख
दूसरी तरफ ईरान की Revolutionary Guard Corps ने साफ कर दिया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य उनके नियंत्रण में है। उन्होंने चेतावनी दी कि अमेरिका, इजराइल या यूरोप से जुड़े किसी भी जहाज पर हमला किया जा सकता है। ट्रंप ने यह बात भी मानी कि ईरान समुद्र में माइन्स (mines) बिछा सकता है, लेकिन उन्होंने भरोसा जताया कि अमेरिकी सेना इन चुनौतियों से निपटने में सक्षम है।
