इसराइल और ईरान के बीच हाल ही में हुए मिसाइल हमलों ने अमेरिका और इसराइल के बीच की बड़ी दरार को सबके सामने ला दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इसराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच मतभेद अब खुलकर बाहर आ रहे हैं। राष्ट्रपति ट्रंप ने नेतन्याहू को साफ चेतावनी दी है कि अगर इसराइल ने ईरान पर हमले जारी रखे, तो वह बहुत जल्द ही अकेले पड़ सकते हैं। दोनों देशों ने फिलहाल एक-दूसरे पर सीधे हमले रोक दिए हैं, लेकिन तनाव चरम पर है।
डोनाल्ड ट्रंप ने दी बड़ी चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसराइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू को सावधान रहने के लिए कहा है। ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर इसराइल ने अपनी कार्रवाई नहीं रोकी, तो वह बहुत जल्द खुद को अकेला पाएगा। ट्रंप ने जोर देकर कहा कि मध्य पूर्व में शांति के लिए सभी बड़े फैसले वही ले रहे हैं और ईरान के साथ अंतिम बातचीत चल रही है। दूसरी तरफ, पीएम नेतन्याहू ने कहा कि फिलहाल के लिए लड़ाई खत्म हो गई है, लेकिन अगर ईरान ने दोबारा हमला करने की गलती की, तो इसराइल अगली बार उसे पूरी तरह तबाह कर देगा।
लेबनान और खाड़ी क्षेत्र में ताजा हालात क्या हैं?
तनाव के बीच खाड़ी क्षेत्र और लेबनान में जमीनी हालात इस प्रकार बने हुए हैं:
- अपाचे हेलीकॉप्टर गिराया गया: ईरान के पास होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिका का एक अपाचे सैन्य हेलीकॉप्टर मार गिराया गया, जिसके बाद अमेरिका ने ईरान के रडार सिस्टम पर जवाबी हमले किए।
- लेबनान में हमले जारी: अमेरिका की तरफ से संयम बरतने की अपील के बावजूद इसराइल ने लेबनान में हिजबुल्लाह के खिलाफ अपने हमले जारी रखे हैं। लेबनान के टायर शहर में हुए हमले में आठ लोगों की जान चली गई है।
- ईरान की जवाबी चेतावनी: ईरान के अधिकारियों ने कहा है कि अगर इसराइल ने लेबनान में अपनी सैन्य कार्रवाई बंद नहीं की, तो दोबारा जंग छिड़ सकती है। उन्होंने कहा कि इसराइल का यह रवैया भरोसा बनाने के खिलाफ है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या इसराइल और ईरान के बीच अभी जंग रुक गई है?
हां, दोनों देशों ने फिलहाल एक-दूसरे पर सीधे मिसाइल हमले रोक दिए हैं, लेकिन लेबनान और बाकी जगहों पर सैन्य गतिविधियां जारी होने से तनाव अभी भी बना हुआ है।
ट्रंप और नेतन्याहू के बीच मतभेद क्यों बढ़ रहे हैं?
ट्रंप मध्य पूर्व में शांति समझौता चाहते हैं और इसराइल को हमले रोकने की सलाह दे रहे हैं, जबकि नेतन्याहू सुरक्षा कारणों का हवाला देकर सैन्य कार्रवाई जारी रखना चाहते हैं।
