अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसराइल और ईरान को लेकर एक बहुत बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने साफ-साफ कहा है कि इसराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के पास अमेरिका और ईरान के बीच होने वाले समझौते को स्वीकार करने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं होगा। ट्रंप ने सीधे शब्दों में अपनी ताकत दिखाते हुए कहा है कि विदेश नीति से जुड़े सारे फैसले वो खुद ले रहे हैं, न कि नेतन्याहू।
ट्रंप ने बेंजामिन नेतन्याहू को लेकर क्या कहा?
डोनाल्ड ट्रंप ने 7 जून 2026 को ब्रिटिश अखबार Financial Times को दिए एक टेलीफोन इंटरव्यू में यह बातें कहीं। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका की विदेश नीति और ईरान के साथ समझौते पर अंतिम फैसला लेने का अधिकार सिर्फ उनके पास है। उन्होंने साफ़ तौर पर कहा, “सारे फैसले मैं लेता हूँ। वो फैसले नहीं लेते हैं।” इस बयान के बाद दोनों देशों के बीच तनाव की खबरें आ रही हैं। हाल ही में ट्रंप और नेतन्याहू के बीच फोन पर तीखी बातचीत भी हुई थी, जिसमें ट्रंप ने लेबनान में इसराइल की सैन्य कार्रवाई पर थोड़ी नाराजगी जताई थी।
ईरान के मिसाइल हमले पर क्या रुख है अमेरिका का?
ईरान ने हाल ही में इसराइल पर कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं, जिसे अप्रैल की शुरुआत में हुए सीजफायर का सबसे बड़ा उल्लंघन माना जा रहा है। इस हमले के बाद भी डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि इससे ईरान के साथ होने वाली बातचीत पर कोई असर नहीं पड़ेगा। ट्रंप ने Fox News से बातचीत में संकेत दिया कि वह नेतन्याहू को ईरान के खिलाफ जवाबी हमला नहीं करने की सलाह देंगे। ट्रंप ने यह भी साफ किया है कि अगर बातचीत अंत में नाकाम रहती है, तो वह ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई या फिर बहुत बड़ा आर्थिक प्रतिबंध लगाने पर विचार करेंगे। इसके साथ ही अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने इस बात की चिंता जताई है कि इसराइल अमेरिकी अधिकारियों की जासूसी कर सकता है जो ईरान से बातचीत कर रहे हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या ईरान के मिसाइल हमले से अमेरिका की बातचीत रुक जाएगी?
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ किया है कि ईरान के मिसाइल हमलों का बातचीत पर कोई असर नहीं पड़ेगा और अमेरिका बातचीत जारी रखेगा।
यदि बातचीत विफल रही तो ट्रंप का अगला कदम क्या होगा?
ट्रंप ने कहा है कि अगर बातचीत नाकाम रहती है, तो वह ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई या फिर से कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाने पर विचार कर सकते हैं।
