UAE ने तोड़े ईरान से वित्तीय रिश्ते, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने दी जंग की चेतावनी।

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने अपनी वार्ता टीम को साफ शब्दों में बता दिया है कि अगर ईरान के खिलाफ चल रहा आर्थिक दबाव का अभियान काम नहीं आया, तो आने वाले समय में दोनों देशों के बीच सीधी सैन्य भिड़ंत भी हो सकती है। 20 अगस्त 2026 को सामने आई रिपोर्ट्स के मुताबिक, मौजूदा नीतियां विफल होने पर ईरान के खिलाफ कड़े सैन्य कदम उठाने का विकल्प अभी भी खुला रखा गया है। यह पूरा मामला अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक नया भूचाल लेकर आया है, जिसका असर खाड़ी देशों और वहां रहने वाले प्रवासियों पर भी पड़ सकता है।
Truth Social पर किया था आर्थिक D-Day का ऐलान
इससे पहले 19 अगस्त 2026 को Donald Trump ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर एक बड़ा ऐलान किया था। उन्होंने इस अभियान को "economic D-Day" यानी आर्थिक डी-डे नाम दिया था। उन्होंने दावा किया कि यह इतिहास में किसी भी देश के खिलाफ उठाया गया सबसे बड़ा और कड़ा आर्थिक कदम है, जिसका मुख्य उद्देश्य ईरानी राज्य को पूरी तरह से अलग-थलग करना है। अपने संदेश में उन्होंने यह भी कहा कि ईरान का सैन्य ढांचा अब पूरी तरह से कमजोर हो चुका है। उनके अनुसार ईरान की नौसेना खत्म हो चुकी है, वायु सेना पूरी तरह तबाह हो गई है और सैन्य उत्पादन केंद्र मलबे में बदल चुके हैं। उन्होंने अपनी प्रशासन की इस बात पर भी जोर दिया कि ईरान को कभी भी परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दिया जाएगा।
यूएई ने तोड़े ईरान के साथ वित्तीय संबंध
इस रणनीति के तहत Donald Trump ने पूरी दुनिया को कड़ी चेतावनी दी थी कि जो भी देश, वित्तीय संस्थान, व्यापारिक केंद्र, एयरपोर्ट या सरकारी विभाग ईरान को किसी भी तरह का सहारा देगा, उसे भयानक आर्थिक परिणाम भुगतने होंगे। इस कड़े रुख का असर तुरंत देखने को मिला जब इस घोषणा से कुछ घंटे पहले ही संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE ने ईरान के साथ अपने सभी वित्तीय संबंधों को निलंबित कर दिया। यूएई ने यह कदम बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च के आरोपों के बाद उठाया, हालांकि तेहरान ने इन सभी आरोपों से साफ इनकार किया है। खाड़ी देशों में हो रहे इन बड़े बदलावों से वहां रहने वाले आम लोगों और कामगारों के मन में सुरक्षा और कारोबार को लेकर चिंताएं बढ़ने लगी हैं।
ईरान के विदेश मंत्री की प्रतिक्रिया और बातचीत पर रोक
इन तमाम चेतावनियों के बीच Donald Trump ने अपनी बातचीत करने वाली टीम को अगले कुछ हफ्तों के लिए ईरानी प्रतिनिधियों के साथ सभी चर्चाओं को पूरी तरह से रोकने का निर्देश दिया है। उनका मानना है कि अब किसी भी सार्थक समझौते की उम्मीद बहुत कम बची है। दूसरी ओर, ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने इस 'economic D-Day' नीति की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि यह अमेरिकी सरकार की घरेलू आर्थिक परेशानियों से लोगों का ध्यान भटकाने की एक चाल मात्र है। उन्होंने यह भी भविष्यवाणी की कि ये प्रतिबंध आखिरकार असफल साबित होंगे, जिससे क्षेत्र में दुश्मनी और ज्यादा बढ़ेगी। इस बढ़ती तनातनी का असर अब धीरे-धीरे पूरी खाड़ी राजनीति पर साफ दिखाई दे रहा है।