अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump बीजिंग पहुंचे जहां उनकी मुलाकात चीन के राष्ट्रपति Xi Jinping से हुई. इस हाई-प्रोफाइल मीटिंग का मुख्य मकसद ईरान से जुड़ा ऊर्जा संकट और हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Hormuz blockade) की समस्या को हल करना था. साथ ही दोनों नेताओं ने व्यापारिक विवादों को खत्म करने पर भी बात की.
G2 डिप्लोमेसी क्या है और क्यों हो रही है चर्चा?
इस मुलाकात से ‘G2’ डिप्लोमेसी का विचार फिर से चर्चा में आ गया है. इसका मतलब है कि दुनिया की दो सबसे बड़ी महाशक्तियां, अमेरिका और चीन, मिलकर वैश्विक स्थिरता को संभालेंगे. हालांकि, इस बात से यूरोप और अमेरिका के पुराने सहयोगियों के बीच गहरी चिंता देखी गई क्योंकि उन्हें डर है कि इससे वैश्विक संतुलन बिगड़ सकता है.
मीटिंग में किन मुख्य मुद्दों पर बात हुई?
- ईरान ऊर्जा संकट: मीटिंग में ईरान से जुड़े एनर्जी संकट को खत्म करने पर चर्चा हुई.
- हॉर्मुज़ ब्लॉकेड: समुद्री रास्ते (Hormuz blockade) की समस्या को सुलझाने की कोशिश की गई ताकि व्यापार प्रभावित न हो.
- ट्रेड विवाद: दोनों देशों के बीच लंबे समय से चल रहे व्यापारिक झगड़ों को खत्म करने पर बात हुई.
Frequently Asked Questions (FAQs)
Trump और Xi Jinping की मुलाकात का मुख्य उद्देश्य क्या था?
इस मुलाकात का मुख्य उद्देश्य ईरान से जुड़ा ऊर्जा संकट, हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य की नाकेबंदी और दोनों देशों के बीच व्यापारिक विवादों को सुलझाना था.
G2 डिप्लोमेसी से दुनिया के अन्य देशों में चिंता क्यों है?
G2 डिप्लोमेसी का मतलब है कि दुनिया की कमान केवल अमेरिका और चीन के हाथों में होगी, जिससे यूरोपीय देशों और अमेरिका के पारंपरिक सहयोगियों में असुरक्षा की भावना बढ़ी है.
