दुनिया की दो सबसे बड़ी ताकतों, अमेरिका और चीन के बीच ईरान को लेकर एक बड़ी डील हुई है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और शी जिनपिंग ने बीजिंग में मुलाकात की और युद्ध खत्म करने के तरीकों पर सहमति जताई। इसी बीच हॉर्मुज जलडमरूमध्य में चीनी जहाजों की आवाजाही फिर से शुरू हो गई है, जिससे पूरे इलाके में हलचल बढ़ गई है।
ट्रम्प और शी जिनपिंग के बीच क्या तय हुआ?
15 मई 2026 को बीजिंग में हुई मीटिंग के दौरान दोनों नेताओं ने ईरान के मुद्दे पर लंबी बातचीत की। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने भरोसा दिया कि चीन ईरान को कोई सैन्य उपकरण नहीं देगा। दोनों नेता इस बात पर सहमत हुए कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होने चाहिए और हॉर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखना होगा। डोनाल्ड ट्रम्प ने सख्त लहजे में कहा कि ईरान या तो समझौता करे वरना उसे पूरी तरह तबाह कर दिया जाएगा।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य में चीनी जहाजों की वापसी की क्या वजह है?
13 से 15 मई के बीच करीब 30 चीनी जहाज हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरे। ईरान ने चीन के विदेश मंत्री और राजदूत के अनुरोध पर इन जहाजों को रास्ता देने का फैसला किया। MarineTraffic के डेटा के मुताबिक, Yuan Hua Hu जैसे तेल टैंकरों ने ईरान के बताए सुरक्षित रास्ते का इस्तेमाल किया। हालांकि अमेरिका ने अभी भी ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी जारी रखी है, लेकिन तेल की सप्लाई के लिए इस रास्ते का खुला रहना जरूरी माना गया है।
लेबनान और इसराइल के बीच बातचीत का क्या नतीजा निकला?
अमेरिका के स्टेट डिपार्टमेंट में 14 और 15 मई को लेबनान और इसराइल के प्रतिनिधियों के बीच बड़ी बैठक हुई। इस मीटिंग का मकसद शांति समझौता करना, सीमाओं का निर्धारण करना और हज़बुल्लाह के मुद्दे को सुलझाना था। लेबनान की मांग है कि इसराइल उसकी जमीन से अपनी सेना हटा ले, जबकि इसराइल का कहना है कि हज़बुल्लाह का निशस्त्रीकरण जरूरी है। यह बातचीत इसलिए अहम है क्योंकि लेबनान में सीज़फायर 17 मई को खत्म हो रहा है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ट्रम्प ने ईरान को लेकर क्या चेतावनी दी है?
डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि ईरान के पास अब समझौता करने का आखिरी मौका है, वरना उन्हें पूरी तरह खत्म कर दिया जाएगा।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य में कितने चीनी जहाज गुजरे?
स्वतंत्र निगरानी समूह IWN और ईरान के मीडिया के मुताबिक 13 से 15 मई के बीच करीब 30 चीनी जहाज वहां से गुजरे।
