अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump और चीन के राष्ट्रपति Xi Jinping के बीच बीजिंग में एक अहम मुलाकात हुई। इस मीटिंग में दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में से एक Strait of Hormuz को खुला रखने पर चर्चा हुई ताकि तेल और ऊर्जा की सप्लाई बिना किसी रुकावट के चलती रहे। Trump ने जानकारी दी कि चीन इस रास्ते को खोलने में मदद करने के लिए तैयार है।
Trump और Xi के बीच किन बातों पर सहमति बनी
- रास्ता खुला रखना: White House ने कन्फर्म किया कि दोनों राष्ट्रपति इस बात पर सहमत हुए कि Strait of Hormuz को हर हाल में खुला रहना चाहिए।
- परमाणु हथियार: दोनों नेताओं ने साफ किया कि ईरान को कभी भी परमाणु हथियार नहीं मिलने चाहिए।
- चीन की मदद: President Trump ने बताया कि Xi Jinping ईरान के साथ डील होते देखना चाहते हैं और उन्होंने रास्ता खोलने में मदद की पेशकश की है।
- हथियारों की सप्लाई: चीन ने वादा किया कि वह अमेरिका और इसराइल के खिलाफ जंग में ईरान को कोई भी सैन्य उपकरण नहीं भेजेगा।
- तेल की खरीद: President Xi ने कहा कि वह भविष्य में Strait of Hormuz पर अपनी निर्भरता कम करने के लिए अमेरिका से ज़्यादा तेल खरीदना चाहते हैं।
- सैन्यीकरण का विरोध: चीन ने इस समुद्री रास्ते के सैन्यीकरण और वहां टोल वसूलने की कोशिशों का विरोध किया।
ईरान और UAE में क्या चल रहा है
इस पूरे मामले पर ईरान और UAE की तरफ से भी प्रतिक्रियाएं आई हैं। ईरान के विदेश मंत्री Seyed Abbas Araghchi ने कहा कि उनके लिए व्यावसायिक जहाजों के लिए रास्ता खुला है, लेकिन इसके लिए जहाजों को ईरानी नेवी के साथ तालमेल बिठाना होगा। उन्होंने UAE पर अमेरिका और इसराइल की मदद करने का आरोप भी लगाया।
दूसरी तरफ, ईरान की सरकारी एजेंसी Fars और IRIB टीवी ने बताया कि चीन के साथ बातचीत के बाद कुछ चीनी जहाजों को रास्ता दिया गया है। बुधवार रात से अब तक 30 से ज़्यादा जहाज ईरानी अधिकारियों के तालमेल से वहां से गुज़रे हैं। इसी बीच, UK की एक समुद्री एजेंसी ने खबर दी कि UAE तट के पास एक जहाज को पकड़ा गया है जिसे ईरान की तरफ ले जाया जा रहा है। UAE सरकार ने इस बात से साफ इनकार किया है कि इसराइली प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu वहां किसी गुप्त मीटिंग के लिए आए थे।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Strait of Hormuz को लेकर Trump और Xi के बीच क्या बात हुई
दोनों नेताओं ने सहमति जताई कि ऊर्जा की सप्लाई के लिए यह रास्ता खुला रहना चाहिए। चीन ने इसे खोलने में मदद की पेशकश की और ईरान को हथियार न देने का वादा किया।
ईरान ने जहाजों के आने-जाने पर क्या कहा
ईरान के विदेश मंत्री ने कहा कि रास्ता खुला है लेकिन जहाजों को उनकी नेवी के साथ सहयोग करना होगा। कुछ चीनी जहाजों को पहले ही रास्ता दे दिया गया है।
