अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump और चीन के राष्ट्रपति Xi Jinping के बीच बीजिंग में एक बड़ी मीटिंग होने वाली है। इस बातचीत का मुख्य केंद्र ईरान और Strait of Hormuz में चल रहा संकट है। दुनिया की नज़रें इस बात पर हैं कि क्या चीन, अमेरिका के दबाव में आकर ईरान के साथ अपनी दोस्ती कम करेगा या नहीं।
क्या चीन अमेरिका की मदद करेगा?
Doha Institute for Graduate Studies के प्रोफेसर Mohamad Elmasry ने Al Jazeera को बताया कि चीन अपनी रणनीतिक साझेदारी को खतरे में नहीं डालेगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका शायद ईरान पर अपने प्रभाव को ज़रूरत से ज़्यादा समझ रहा है। उनके मुताबिक, Strait of Hormuz के विवाद का कोई सैन्य समाधान नहीं है और इसके लिए बातचीत ही एकमात्र रास्ता है, जिसमें चीन जैसे बाहरी देशों की भूमिका हो सकती है।
Trump और Xi Jinping की मीटिंग के मुख्य बिंदु
- ईरान मुद्दा: 14 और 15 मई 2026 को होने वाली इस समिट में ईरान का मुद्दा सबसे ऊपर रहेगा।
- तेल की खरीद: अमेरिका, चीन पर दबाव बना रहा है कि वह ईरान से कच्चे तेल की खरीद बंद करे।
- हथियारों की सप्लाई: Trump, Xi Jinping से ईरान को दिए जाने वाले हथियारों और अन्य सामानों पर रोक लगाने की मांग कर सकते हैं।
- बदला हुआ स्टैंड: पहले अमेरिकी अधिकारियों ने चीन से मदद मांगी थी, लेकिन 13 मई को Trump ने कहा कि अमेरिका ने ईरान को पूरी तरह नियंत्रण में कर लिया है और अब चीन की मदद की ज़रूरत नहीं है।
तेल की कीमतों और प्रतिबंधों का असर
Strait of Hormuz के बंद होने की वजह से पूरी दुनिया में ऊर्जा की कीमतों में भारी बढ़ोतरी हुई है। इसी बीच 11 मई 2026 को अमेरिका ने 3 लोगों और 9 कंपनियों पर नए प्रतिबंध लगाए हैं। इन लोगों और कंपनियों पर आरोप है कि उन्होंने ईरान का तेल चीन तक पहुँचाने में मदद की। अमेरिकी ट्रेजरी सचिव Scott Bessent ने भी चीन से Strait of Hormuz को खोलने में सहयोग करने की अपील की थी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Strait of Hormuz विवाद का आम आदमी पर क्या असर पड़ रहा है?
इस समुद्री रास्ते के बंद होने से ग्लोबल एनर्जी मार्केट में हलचल है और ईंधन की कीमतों में काफी बढ़ोतरी हुई है।
अमेरिका ने चीन पर क्या प्रतिबंध लगाए हैं?
अमेरिका ने 11 मई को उन 3 व्यक्तियों और 9 कंपनियों पर प्रतिबंध लगाए जो ईरान से चीन तक तेल भेजने का काम कर रहे थे।
