Red Sea Security: लाल सागर की सुरक्षा के लिए तुर्किये का बड़ा कदम, नए रक्षा समझौते में शामिल होने का किया ऐलान

Praggya Singh sabal8 August 20262 min read54 viewsSaudi
Red Sea Security: लाल सागर की सुरक्षा के लिए तुर्किये का बड़ा कदम, नए रक्षा समझौते में शामिल होने का किया ऐलान

तुर्किये के विदेश मंत्री Hakan Fidan ने 8 अगस्त 2026 को लाल सागर में नेविगेशन सुरक्षा के महत्व पर जोर दिया है। इस बयान से साफ होता है कि तुर्किये अब सऊदी अरब के नेतृत्व वाले अंतरराष्ट्रीय गठबंधन में शामिल होने की पूरी तैयारी कर रहा है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र के अहम समुद्री व्यापार मार्गों पर अपनी पकड़ और प्रभाव को मजबूत करना है, जिससे आने वाले समय में व्यापारिक गतिविधियों को सुरक्षित रखा जा सके।

मक्का संयुक्त रक्षा समझौते की अहमियत

विदेश मंत्री Hakan Fidan का यह बयान 7 अगस्त 2026 को हुए Makkah Joint Defence Agreement के हस्ताक्षर के बाद सामने आया है। इस त्रिपक्षीय समझौते पर सऊदी अरब, तुर्किये और पाकिस्तान ने मिलकर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते को नाटो के आर्टिकल 5 की तर्ज पर तैयार किया गया है, जिसके तहत किसी भी एक देश पर होने वाले हमले को सभी देशों पर हमला माना जाएगा। तुर्किये के राष्ट्रपति Recep Tayyip Erdogan ने साफ किया है कि यह समझौता किसी खास देश के खिलाफ नहीं है, बल्कि क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए है। आने वाले समय में इसमें मिस्र के भी शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।

व्यापार और आर्थिक हितों पर असर

तुर्किये ने इससे पहले 31 जुलाई 2026 को भी सऊदी अरब के नेतृत्व वाले 14 देशों के समुद्री रक्षा गठबंधन का समर्थन किया था। राष्ट्रपति Recep Tayyip Erdogan ने 3 अगस्त 2026 को सऊदी क्राउन प्रिंस Mohammed bin Salman के साथ फोन पर बातचीत के दौरान इस गठबंधन का स्वागत किया और लाल सागर के जहाजों पर होने वाले हुति हमलों की निंदा की। तुर्किये के लिए लाल सागर और बाब अल-मैंडेब जलडमरूमध्य की सुरक्षा बेहद जरूरी है, क्योंकि यहीं से एशिया और पूर्वी अफ्रीका के साथ उसका व्यापार होता है। जलमार्गों की सुरक्षा से ही तुर्किये के आर्थिक हितों की रक्षा हो सकती है और वहां के कारोबारियों को फायदा मिलता है।

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