तुर्की और ईरान के बीच मिसाइल मामले को लेकर तनाव बढ़ गया है. हाल ही में तुर्की के आसमान में मिसाइल घुसने की घटना हुई थी, जिसके बाद तुर्की ने कड़ी आपत्ति जताई है. तुर्की के विदेश मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने तुर्की के विदेश मंत्री हाकन फिदान को बताया है कि उनके हवाई क्षेत्र में जो मिसाइलें घुसी थीं, वे ईरान से नहीं दागी गई थीं. ईरान ने इस पूरे मामले की विस्तृत जांच का भरोसा दिया है.

🚨: लेबनान पर इस्राइली हमले से मची तबाही, एक दिन में 1 लाख लोग हुए बेघर, कुल आंकड़ा 6.67 लाख के पार

क्या है पूरा मिसाइल विवाद

इस विवाद की शुरुआत 3 और 4 मार्च 2026 को हुई थी जब एक बैलिस्टिक मिसाइल तुर्की के हवाई क्षेत्र की तरफ बढ़ रही थी. इस मिसाइल को NATO एयर और मिसाइल डिफेंस सिस्टम ने पूर्वी भूमध्य सागर में बीच में ही रोक दिया था. इसके बाद 8 और 9 मार्च को भी एक दूसरी मिसाइल तुर्की के आसमान में घुसी, जिसे गाजियांटेप (Gaziantep) के ऊपर नष्ट किया गया. मिसाइल का मलबा खाली मैदानों में गिरा जिससे किसी तरह का कोई नुकसान नहीं हुआ.

तुर्की का सख्त रुख और ईरान की सफाई

इस घटना के बाद तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन से बात की. एर्दोगन ने साफ कहा कि तुर्की के हवाई क्षेत्र का उल्लंघन किसी भी कारण से बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और तुर्की इसके खिलाफ सभी जरूरी कदम उठाएगा. इसके जवाब में ईरान के राष्ट्रपति ने भी स्पष्ट किया कि ये मिसाइलें उनके देश की नहीं हैं. उन्होंने आश्वासन दिया कि ईरानी अधिकारी इस मामले की पूरी जांच करेंगे. इसके अलावा, तुर्की के अधिकारियों ने ईरानी राजदूत मोहम्मद हसन हबीबुल्लाहजादे को भी तलब कर जवाब मांगा है.

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.