Turkey का बड़ा फैसला, बोस्फोरस जलडमरूमध्य से किसी भी युद्धपोत को काला सागर में जाने की नहीं मिलेगी इजाज़त.

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जारी तनाव के बीच तुर्किए सरकार ने बहुत बड़ा और कड़ा फैसला लिया है। अंकारा सरकार ने साफ कर दिया है कि वह अपने जलडमरूमध्य से किसी भी देश के युद्धपोतों को गुजरने की अनुमति नहीं देगा। तुर्किए सरकार के एक आधिकारिक सूत्र ने रूस की समाचार एजेंसी रिया नोवोस्ती को यह जानकारी दी है। इस फैसले के बाद यह पूरी तरह स्पष्ट हो गया है कि नाटो देशों की तमाम कोशिशों के बावजूद काला सागर में सैन्य जहाजों की एंट्री आसान नहीं होने वाली है।
नाटो देशों के दबाव के बावजूद अंकारा अपने रुख पर कायम
इससे पहले अगस्त महीने में 'तुर्किये' अखबार ने अपनी एक रिपोर्ट में यह खुलासा किया था कि काला सागर इलाके में लगातार बढ़ते तनाव के बीच कई नाटो देश अंकारा पर लगातार दबाव बना रहे हैं। इन देशों की मांग थी कि तुर्किए अपने प्रमुख जलमार्गों यानी बोस्फोरस और डार्डानेल्स से युद्धपोतों की आवाजाही को और ज्यादा आसान बनाए। रिपोर्ट में बताया गया था कि यूक्रेन संघर्ष और जहाजों के सुरक्षित आवागमन यानी नेविगेशन से जुड़े जोखिमों की वजह से सैन्य जहाजों की पहुंच का यह मामला दुनिया भर के देशों के लिए बहुत अहम बनता जा रहा है।
मोंट्रो कन्वेंशन के नियमों का सख्ती से होगा पालन
तुर्किए सरकार के सूत्र ने मीडिया से बातचीत में दो टूक शब्दों में कहा कि देश के जलडमरूमध्य से किसी भी बाहरी युद्धपोत को जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है। अंकारा ऐतिहासिक मोंट्रो कन्वेंशन के नियमों का पूरी सख्ती के साथ पालन करना सुनिश्चित करता है और वह किसी भी कीमत पर इन अंतरराष्ट्रीय नियमों को दरकिनार करने की छूट नहीं देगा। सरकार की तरफ से यह भी साफ किया गया है कि तुर्किए अपने जलडमरूमध्य से सैन्य जहाजों की आवाजाही को नियंत्रित करने वाले सभी अंतरराष्ट्रीय दायित्वों का भविष्य में भी कड़ाई से पालन करना जारी रखेगा। इस बारे में अधिक जानकारी के लिए आप रिया नोवोस्ती की मूल रिपोर्ट देख सकते हैं।