Turkey का कड़ा रुख, बोस्फोरस जलडमरूमध्य से काला सागर में युद्धपोतों को नहीं मिलेगी एंट्री.

अंतरराष्ट्रीय राजनीति में इस वक्त तनाव का माहौल चल रहा है और काला सागर में जहाजों की आवाजाही को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है। तुर्किए सरकार ने साफ कर दिया है कि वह अपने जलडमरूमध्य से किसी भी देश के युद्धपोतों को गुजरने की इजाजत नहीं देगा। अंकारा के इस फैसले से साफ़ होता है कि देश अंतरराष्ट्रीय संधियों का पूरी सख्ती से पालन कर रहा है और क्षेत्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए किसी भी तरह के दबाव में आने को तैयार नहीं है।
नाटो देशों के दबाव के बावजूद अंकारा का इनकार
हाल ही में मीडिया रिपोर्ट्स में यह बात सामने आई थी कि काला सागर में लगातार बढ़ते तनाव के बीच कई नाटो देश तुर्किए पर लगातार दबाव बना रहे थे। इन देशों की मंशा थी कि अंकारा अपने जलडमरूमध्य यानी बोस्फोरस और डार्डानेल्स से सैन्य जहाजों की आवाजाही को और ज्यादा आसान बनाए। यूक्रेन संघर्ष के बाद से नेविगेशन यानी जहाजों के आने-जाने से जुड़े जोखिम काफी बढ़ गए हैं, जिसके कारण सैन्य जहाजों की पहुंच का यह मुद्दा बेहद अहम बन चुका है। लेकिन तुर्किए सरकार के एक आधिकारिक सूत्र ने रिया नोवोस्ती को दी गई जानकारी में इन सभी चर्चाओं पर विराम लगा दिया है और साफ कर दिया है कि तुर्की के जलडमरूमध्य से किसी भी युद्धपोत को निकलने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
मॉन्ट्रो कन्वेंशन के नियमों का होगा कड़ाई से पालन
अंकारा प्रशासन ने यह स्पष्ट किया है कि वह मॉन्ट्रो कन्वेंशन के नियमों का पूरी सख्ती के साथ पालन करना जारी रखेगा। सरकार किसी भी कीमत पर इन नियमों को दरकिनार करने की अनुमति नहीं देगी। तुर्की जलडमरूमध्य से सैन्य जहाजों की आवाजाही से जुड़े अंतरराष्ट्रीय दायित्वों का पालन करना देश की प्राथमिकता है। इस बारे में अधिक जानकारी के लिए आप रिया नोवोस्ती की रिपोर्ट देख सकते हैं। सरकार के इस सख्त रुख से साफ है कि काला सागर में सैन्य जहाजों की संख्या बढ़ाने की नाटो देशों की कोशिशों को बड़ा झटका लगा है और अंकारा अपने पुराने नियमों पर पूरी तरह कायम है।