तुर्की के विदेश मंत्री हकान फिदान ने अबू धाबी में UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात की। इस बैठक के दौरान तुर्की ने ईरान द्वारा UAE और क्षेत्र की स्थिरता को निशाना बनाकर किए गए हमलों की कड़ी निंदा की है। तुर्की ने स्पष्ट किया कि क्षेत्रीय सुरक्षा और एकता को बनाए रखना ही सबसे बड़ी प्राथमिकता है और इसके लिए सभी को साथ आना होगा।

रियाद बैठक और देशों का साझा रुख

18 मार्च 2026 को रियाद में तुर्की और कई अन्य अरब व इस्लामी देशों के विदेश मंत्रियों ने एक महत्वपूर्ण बैठक की थी। इस बैठक के बाद जारी साझा बयान में ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया गया। मंत्रियों ने साफ तौर पर कहा कि नागरिक बुनियादी ढांचे जैसे कि एयरपोर्ट, तेल रिफाइनरी और रिहायशी इलाकों पर हमले किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं हैं। तुर्की के साथ सऊदी अरब, कतर, पाकिस्तान और बहरीन जैसे देशों ने भी इस पर अपनी गहरी चिंता जताई है।

सुरक्षा और कूटनीति के लिए जरूरी कदम

बैठक के दौरान संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 का पालन करने की जरूरत पर जोर दिया गया है। इसमें शामिल मुख्य बातें इस प्रकार हैं:

  • ईरान अपने बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमलों को तुरंत बंद करे।
  • क्षेत्र में तनाव को कम करने के लिए कूटनीति और बातचीत का रास्ता अपनाया जाए।
  • Strait of Hormuz और समुद्री रास्तों में जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
  • सशस्त्र समूहों को दी जाने वाली आर्थिक और हथियारों की मदद पर रोक लगनी चाहिए।
  • सभी देशों को अपनी रक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय नियमों के तहत अधिकार मिले हुए हैं।
Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.