US और इसराइल की ईरान के साथ जंग ने खाड़ी देशों की अर्थव्यवस्था को काफी नुकसान पहुँचाया है. इस स्थिति का फायदा उठाते हुए तुर्की अब इस्तांबुल को एक बड़े क्षेत्रीय फाइनेंशियल हब के रूप में प्रमोट कर रहा है. तुर्की सरकार चाहती है कि दुनिया भर की बड़ी कंपनियाँ और पैसा अब इस्तांबुल फाइनेंशियल सेंटर (IFC) की तरफ आएँ.

इस्तांबुल फाइनेंशियल सेंटर (IFC) में आने वाली कंपनियों को क्या लाभ मिलेंगे?

तुर्की सरकार विदेशी कंपनियों को लुभाने के लिए कई बड़े ऑफर दे रही है. IFC में काम करने वाली कंपनियों को कॉर्पोरेट टैक्स में भारी छूट मिलेगी और बैंकिंग ट्रांजैक्शन टैक्स से भी राहत दी गई है. साथ ही अनुभवी प्रोफेशनल्स के लिए इनकम टैक्स में 60% से 80% तक की कटौती का प्रावधान है. सरकारी काम को आसान बनाने के लिए एक डिजिटल ऑफिस बनाया गया है जहाँ सभी परमिट एक ही जगह मिल जाएंगे.

खाड़ी देशों के आर्थिक संकट और ईरान युद्ध का क्या असर हुआ?

ईरान के साथ युद्ध की वजह से Gulf देशों की अर्थव्यवस्था डगमगा गई है. IMF ने पूरे क्षेत्र के लिए ग्रोथ का अनुमान घटा दिया है और इराक की अर्थव्यवस्था में 6.8% की गिरावट आने की संभावना है. Strait of Hormuz के बंद होने से व्यापार पर बुरा असर पड़ा है. दुबई में प्रॉपर्टी की बिक्री 30.5% तक कम हो गई है, जिसकी वजह से अब कंपनियाँ तुर्की जैसे सुरक्षित विकल्पों की तलाश कर रही हैं.

विवरण प्रभाव या लाभ
कॉर्पोरेट टैक्स छूट 75% से 100% तक की कटौती
इनकम टैक्स छूट 60% से 80% (अनुभवी प्रोफेशनल्स के लिए)
दुबई प्रॉपर्टी सेल 30.5% की गिरावट आई
इराक अर्थव्यवस्था 6.8% गिरने का अनुमान है
ग्लोबल ग्रोथ (IMF) 3.3% से घटकर 3.1% हुई
कंपनी शिफ्टिंग 40 से ज़्यादा कंपनियाँ चर्चा कर रही हैं
Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.