सऊदी अरब और तुर्की के बीच रिश्तों में एक बड़ा सुधार देखने को मिल रहा है। दोनों देश अब अपने नागरिकों के लिए वीज़ा-मुक्त यात्रा समझौता करने की तैयारी में हैं। इस फैसले से दोनों देशों के बीच आना-जाना बहुत आसान हो जाएगा जिससे पर्यटन और व्यापार को काफी बढ़ावा मिलेगा।
वीज़ा-मुक्त यात्रा समझौता क्या है और किसे मिलेगा फायदा?
तुर्की के विदेश मंत्री हाकान फिदान और सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान अल सऊद अंकारा में इस समझौते पर हस्ताक्षर करेंगे। यह समझौता बुधवार को तुर्की-सऊदी समन्वय परिषद की बैठक के दौरान साइन होने की उम्मीद है। सबसे बड़ी बात यह है कि यह नियम सामान्य पासपोर्ट और डिप्लोमैटिक पासपोर्ट, दोनों तरह के पासपोर्ट धारकों पर लागू होगा। इससे आम लोगों को अब वीज़ा के लिए लंबी और कठिन प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा।
सऊदी और तुर्की के रिश्तों में कैसे आया बदलाव?
साल 2018 में पत्रकार जमाल खशोगी की हत्या के बाद सऊदी अरब और तुर्की के रिश्ते काफी तनावपूर्ण हो गए थे। लेकिन साल 2020 के बाद से दोनों देशों ने अपने संबंधों को सुधारने के लिए कई कदम उठाए। 2021 के बाद से इन रिश्तों में तेजी से सुधार आया है। अब दोनों देश न केवल यात्रा बल्कि मध्य पूर्व के हालात और ईरान से जुड़े मुद्दों पर भी मिलकर काम करने और आपसी सहयोग बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
यह वीज़ा-मुक्त समझौता कब लागू होगा?
यह समझौता बुधवार को तुर्की-सऊदी समन्वय परिषद की बैठक के दौरान साइन होने की उम्मीद है। इसकी आधिकारिक घोषणा 5 मई, 2026 को की गई थी।
किन पासपोर्ट धारकों को इस नए नियम का लाभ मिलेगा?
यह समझौता सामान्य पासपोर्ट और डिप्लोमैटिक पासपोर्ट, दोनों तरह के पासपोर्ट धारकों के लिए लागू होगा, जिससे दोनों देशों की यात्रा सरल हो जाएगी।