तुर्की सरकार एक बेहद बड़े रेलवे प्रोजेक्ट पर काम कर रही है जो खाड़ी देशों के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है. तुर्की के परिवहन और बुनियादी ढांचा मंत्री अब्दुलकादिर उरालोग्लू ने घोषणा की है कि उनका देश ऐतिहासिक हिजाज रेलवे को फिर से शुरू करने और इसे सीधे ओमान तक बढ़ाने की योजना बना रहा है. इस रेल मार्ग के बनने से भूमध्य सागर सीधे अरब सागर से जुड़ जाएगा, जिससे व्यापार के लिए एक नया रास्ता खुलेगा.
तुर्की से ओमान तक कैसे पहुंचेगी यह ट्रेन और क्या है इसकी योजना?
इस प्रोजेक्ट के तहत सालों पुराने हिजाज रेलवे नेटवर्क को फिर से आधुनिक बनाया जाएगा. इसका इस्तेमाल पर्यटन और व्यापार दोनों के लिए किया जाएगा. तुर्की सरकार ने इस प्रोजेक्ट को अलग-अलग चरणों में बांट रखा है:
- पहला चरण: सबसे पहले तुर्की को सीरिया के अलेप्पो से जोड़ा जाएगा. इसके लिए पहले से मौजूद रेल नेटवर्क का इस्तेमाल होगा जो दमिश्क और जॉर्डन तक जाता है.
- दूसरा चरण: इस रेल लाइन को सऊदी अरब के रास्ते ओमान तक ले जाने की योजना है. इसके लिए तुर्की की सरकार सऊदी अरब के अधिकारियों के साथ लगातार बातचीत कर रही है.
- फायदा: इस रेलवे लाइन के बनने से व्यापार के लिए स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज का एक मजबूत विकल्प तैयार हो जाएगा, जिससे खाड़ी देशों को सीधा फायदा होगा.
इस बड़े प्रोजेक्ट से अन्य खाड़ी देशों को क्या फायदा होगा?
तुर्की के इस बड़े कदम का असर ओमान के साथ-साथ अन्य खाड़ी देशों पर भी पड़ेगा. ओमान ने पहले ही सितंबर 2025 में इस विकास परियोजना का हिस्सा बनने की इच्छा जताई थी. इसके अलावा, तुर्की 1,200 किलोमीटर लंबे डेवलपमेंट रोड प्रोजेक्ट पर भी काम कर रहा है जिसमें इराक, कतर और संयुक्त अरब अमीरात यानी यूएई जैसे देश शामिल हैं. यह प्रोजेक्ट इराक के बसरा बंदरगाह को तुर्की की सीमा से जोड़ेगा.
वहीं दूसरी तरफ, ओमान को संयुक्त अरब अमीरात से जोड़ने वाले हाफीत रेल प्रोजेक्ट पर भी काम चल रहा है, जिसका लगभग 40 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है. इन सभी रेल परियोजनाओं के आपस में जुड़ने से भविष्य में खाड़ी क्षेत्र में रहने वाले लोगों और नौकरीपेशा प्रवासियों के लिए आवागमन और व्यापार बेहद आसान हो जाएगा.
Frequently Asked Questions (FAQs)
तुर्की-ओमान रेलवे प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इस प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य भूमध्य सागर को सीधे अरब सागर से जोड़ना है ताकि व्यापार के लिए स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज का एक वैकल्पिक और सुरक्षित समुद्री मार्ग तैयार हो सके.
यह ट्रेन किन-किन देशों से होकर गुजरेगी?
यह ट्रेन तुर्की से शुरू होकर सीरिया, जॉर्डन और सऊदी अरब के रास्ते होते हुए ओमान तक पहुंचेगी. इसके लिए बातचीत का दौर जारी है.
