अमेरिका और ईरान के बीच शांति की कोशिशें अब रंग ला रही हैं। तुर्की के राष्ट्रपति Recep Tayyip Erdogan ने इस समझौते का खुलकर समर्थन किया है। उन्होंने ईरानी राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian से फोन पर बात कर कहा कि यह पूरी दुनिया के लिए अच्छी खबर है और तुर्की इस प्रगति का स्वागत करता है।

सोमवार, 22 जून 2026 को हुई इस बातचीत के दौरान राष्ट्रपति एर्दोगन ने एक ज़रूरी चेतावनी भी दी। उन्होंने कहा कि इस राजनयिक प्रक्रिया को रोकने के लिए कुछ लोग साजिश रच सकते हैं, इसलिए दोनों देशों को बहुत सतर्क रहने की ज़रूरत है। उन्होंने जोर दिया कि इलाके में शांति लाने के लिए अब नए और ठोस कदम उठाना बहुत ज़रूरी है।

इस शांति प्रक्रिया में तुर्की और कई अन्य देशों ने काफी मेहनत की है, जिसके बाद अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम संभव हुआ। एर्दोगन ने सुझाव दिया कि पाकिस्तान में होने वाली बातचीत का पूरा इस्तेमाल किया जाए ताकि क्षेत्र में लंबे समय तक शांति और स्थिरता बनी रहे।

वहीं, स्विट्जरलैंड में हुई उच्च स्तरीय बातचीत के बाद मध्यस्थ देशों पाकिस्तान और कतर ने सकारात्मक खबर दी है। दोनों देशों ने 60 दिनों के भीतर एक अंतिम समझौते का रोडमैप तैयार किया है। इस योजना में लेबनान में इजरायली सैन्य अभियानों को रोकने के लिए एक ‘डी-कॉन्फ्लिक्शन सेल’ बनाने की बात भी शामिल है।

समझौते के एक हिस्से के रूप में अमेरिकी खजाने विभाग ने 21 अगस्त तक ईरानी तेल पर से प्रतिबंध अस्थायी रूप से हटा लिए हैं। ईरानी राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने पहले ही पुष्टि की थी कि युद्ध खत्म करने के लिए एक समझौता ज्ञापन (MOU) पर हस्ताक्षर होने वाले हैं। राष्ट्रपति पेज़ेश्कियन 23 जून 2026 को पाकिस्तान का दौरा करेंगे ताकि इस शांति समझौते के बाद आगे की रणनीतियों पर चर्चा की जा सके।

Sushma Kumari

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