तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन ने एक बड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिका और इसराइल की जंग अब यूरोप को कमजोर कर रही है। एर्दोगन ने शांति के रास्ते को अपनाने की सलाह दी है ताकि और ज्यादा नुकसान न हो। यह बात उन्होंने जर्मनी के राष्ट्रपति फ्रैंक-वाल्टर स्टीनमायर के साथ हुई बातचीत के दौरान कही।

🗞️: US-Israel हमले में ईरान की स्पोर्ट्स एकेडमी तबाह, बॉलिंग और बिलियर्ड फेडरेशन का ऑफिस हुआ बर्बाद

यूरोप की अर्थव्यवस्था और ऊर्जा पर क्या असर पड़ रहा है?

यूरोपीय संघ के एनर्जी कमिश्नर डैन जोर्गेंसन ने बताया कि इस जंग की वजह से यूरोप में ऊर्जा का बड़ा संकट खड़ा हो गया है। इस विवाद के कारण यूरोप को हर दिन करीब 500 मिलियन यूरो (लगभग 600 मिलियन डॉलर) का भारी नुकसान हो रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले कई महीनों या सालों तक तेल और गैस की कीमतों पर इसका असर रहेगा।

जंग में अब तक कितना जान-माल का नुकसान हुआ है?

इस युद्ध में दोनों पक्षों को भारी कीमत चुकानी पड़ी है। पेंटागन के मुताबिक 13 अमेरिकी सैनिक मारे गए और 415 घायल हुए। दूसरी तरफ, ईरान में अमेरिकी और इसराइली हमलों में 3,636 लोगों की जान गई, जिनमें 254 बच्चे भी शामिल हैं। वहीं लेबनान में इसराइली हमलों की वजह से 62,000 से ज्यादा घर पूरी तरह तबाह हो चुके हैं।

ईरान और अमेरिका के बीच ताजा स्थिति क्या है?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने युद्धविराम की अवधि को बढ़ा दिया है, लेकिन ईरानी बंदरगाहों की समुद्री नाकाबंदी जारी रखी है। ईरान ने इस नाकाबंदी को युद्धविराम का उल्लंघन बताया है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में तीन जहाजों पर हमला किया और उनमें से दो को जब्त कर लिया। ईरान का कहना है कि जब तक नाकाबंदी खत्म नहीं होती, तब तक बातचीत संभव नहीं है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com