तुर्किये के विदेश मंत्री हकान फिदान ने एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि तुर्किये स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में समुद्री बारूदी सुरंगों को हटाने के काम में मदद कर सकता है। लेकिन यह तभी होगा जब ईरान और अमेरिका के बीच शांति समझौता हो जाए। तुर्किये इस काम को एक मानवीय जिम्मेदारी मान रहा है।

तुर्किये की क्या है शर्त और प्लान

विदेश मंत्री हकान फिदान ने लंदन में कहा कि तुर्किये तकनीकी टीम का हिस्सा बनकर काम करेगा। इसमें कई देशों के विशेषज्ञ शामिल होंगे। उन्होंने साफ किया कि अगर यह टीम किसी नए झगड़े या युद्ध का हिस्सा बनी, तो तुर्किये अपना फैसला बदल लेगा। तुर्किये चाहता है कि यह काम सिर्फ मानवीय मदद के तौर पर हो।

दूसरे देशों का क्या कहना है

सिर्फ तुर्किये ही नहीं, बल्कि जर्मनी भी इस काम में दिलचस्पी दिखा रहा है। जर्मनी के रक्षा मंत्री ने कहा कि अगर लड़ाई रुकती है, तो वे अपने माइन-स्वीपिंग जहाज भेज सकते हैं। वहीं, पाकिस्तान में ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर बातचीत होने वाली है, जिस पर तुर्किये ने उम्मीद जताई है।

होर्मुज जलडमरूमध्य के मौजूदा हालात

फिलहाल वहां हालात तनावपूर्ण हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आदेश दिया है कि जो भी जहाज बारूदी सुरंगें बिछाएंगे, उन्हें मार गिराया जाए। दूसरी तरफ, ईरान का कहना है कि इस रास्ते पर उनका कंट्रोल है और अमेरिका ने युद्धविराम का उल्लंघन किया है। सेंटकॉम के मुताबिक, इस तनाव की वजह से अब तक 30 से ज्यादा जहाजों को अपना रास्ता बदलना पड़ा है।