जॉर्डन में हुए ईरान के हमले ने क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा दिया है। 17 जुलाई 2026 को ईरान द्वारा किए गए बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमलों में दो अमेरिकी सैनिकों की मौत हो गई, जबकि एक सैनिक अभी भी लापता है। अमेरिकी सैन्य मुख्यालय CENTCOM ने पुष्टि की है कि इस हमले के दौरान चार अन्य अमेरिकी सैनिक घायल हुए, जिन्हें जॉर्डन के अस्पतालों में इलाज के लिए भेजा गया था।
ℹ️: Oman Road Accident: सड़क हादसे में शिक्षिका और उनके तीन बच्चों की मौत, पूरे इलाके में शोक की लहर।
हमले का विवरण और जवाबी कार्रवाई
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। ईरानी सेना ने दावा किया कि उन्होंने अजराक एयर बेस पर मौजूद संचार प्रणालियों, ईंधन भंडारण और रडार साइटों को निशाना बनाया। वहीं, जॉर्डन की सेना ने बताया कि उन्होंने अपने हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने वाली 10 ईरानी मिसाइलों को मार गिराया है, और देश में कोई जनहानि या नुकसान नहीं हुआ है।
क्षेत्र में फैला तनाव
इस घटना के बाद स्थिति काफी गंभीर बनी हुई है। जॉर्डन के विदेश मंत्री ऐमन सफादी ने हमलों की निंदा करते हुए स्पष्ट किया कि अमेरिकी बल जॉर्डन में आतंकवाद विरोधी सहयोग समझौते के तहत मौजूद हैं। ईरान की ओर से केवल जॉर्डन ही नहीं, बल्कि कुवैत, और बहरीन में भी अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया गया है। कुवैत की सेना ने सूचना दी है कि ईरानी हमलों के कारण उनके तेल, बिजली और पानी की सुविधाओं में भारी आग और नुकसान हुआ है।
