होर्मुज जलडमरूमध्य को बंधक नहीं बना सकता कोई देश, UAE की मंत्री ने ईरान को दी चेतावनी

Nura Basta28 March 20262 min read1 viewsUAE

UAE की अंतर्राष्ट्रीय सहयोग राज्य मंत्री रीम अल हाशिमी ने हाल ही में ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर एक कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने साफ कहा कि किसी भी देश को जलडमरूमध्य जैसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों को बंधक बनाने की इजाजत नहीं होनी चाहिए। यह बयान ऐसे समय आया है जब ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही पर नए नियम लागू किए हैं, जिससे वैश्विक व्यापार और ऊर्जा सुरक्षा पर असर पड़ने की आशंका है।

UAE की मंत्री ने क्या कहा?

रीम अल हाशिमी ने Sky News को दिए इंटरव्यू में बताया कि “किसी भी देश को जलडमरूमध्य को बंधक बनाने की अनुमति नहीं मिलनी चाहिए।” उन्होंने क्षेत्रीय सहयोगियों से होर्मुज जलडमरूमध्य को सभी के लिए खुला रखने का आग्रह किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह सिर्फ ऊर्जा और अर्थव्यवस्था का मामला नहीं है, बल्कि यह एक मानवीय संकट भी है। मंत्री ने अपनी बातचीत में यह भी साफ किया कि UAE ईरानी हमलों के दौरान भी मजबूत रहा और उसने “मापा हुआ और संयमित दृष्टिकोण” अपनाया। उन्होंने जोर देकर कहा कि UAE अपनी संप्रभुता की रक्षा करेगा और इस मामले में कोई समझौता नहीं करेगा।

ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में क्या कदम उठाए?

  • ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने 27 मार्च, 2026 को होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही के लिए नए ‘अनुमति-टू-ट्रांजिट’ नियम लागू किए।
  • इसी दिन, IRGC ने तीन कंटेनर जहाजों को जलडमरूमध्य से गुजरने से रोक दिया, जिसमें चीन द्वारा संचालित दो जहाज (CSCL Indian Ocean और CSCL Arctic Ocean) और Antigua and Barbuda-ध्वज वाला SAPHIRA जहाज शामिल थे। इन जहाजों पर नए नियमों का पालन न करने का आरोप लगाया गया।
  • ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराक़ची ने कहा कि जलमार्ग “दुश्मनों” के लिए बंद है, लेकिन चीन, रूस, भारत, इराक और पाकिस्तान जैसे “दोस्त देशों” के जहाजों के लिए खुला रहेगा।
  • मध्य पूर्व में संघर्ष शुरू होने के बाद 1 मार्च से 26 मार्च के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य से होने वाली वस्तुओं की शिपिंग में 95 प्रतिशत की बड़ी गिरावट दर्ज की गई।

अंतर्राष्ट्रीय समुदाय और इसका असर क्या है?

चीन के विदेश मंत्रालय के सूचना विभाग के निदेशक लिन जियान ने 27 मार्च को कहा कि चीन होर्मुज जलडमरूमध्य के घटनाक्रम पर करीब से नजर रख रहा है। उन्होंने इसे वैश्विक व्यापार और ऊर्जा सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग बताया और कहा कि “तनाव और सैन्य टकराव की मौजूदा स्थिति किसी के हित में नहीं है।” दूसरी ओर, थाईलैंड ने 28 मार्च को घोषणा की कि उसने ईरान के साथ एक समझौते के बाद अपने तेल टैंकरों के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित किया है। यह घटनाक्रम अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के लिए चिंता का विषय है क्योंकि यह वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर गहरा असर डाल सकता है।

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