UAE, सऊदी अरब और कतर समेत कुल 8 देशों के विदेश मंत्रियों ने इस्राइल की कड़ी निंदा की। यह निंदा यरूशलम में स्थित अल-अक्सा मस्जिद के गेट लगातार बंद रखने को लेकर की गई। रमजान के पवित्र महीने में मुस्लिम नमाजियों को रोकने पर इन देशों ने इस्राइल के कदम को अंतरराष्ट्रीय कानून का सीधा उल्लंघन बताया।

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क्या है पूरा मामला और किन देशों ने किया विरोध?

बीते 11 दिनों से इस्राइल ने अल-अक्सा मस्जिद को बंद रखा, जिसके कारण लोग वहां इशा और तारावीह की नमाज नहीं पढ़ पा रहे हैं। इसके खिलाफ संयुक्त अरब अमीरात (UAE), तुर्की, मिस्र, जॉर्डन, इंडोनेशिया, पाकिस्तान, सऊदी अरब और कतर ने एक साझा बयान जारी किया। इन देशों के विदेश मंत्रियों ने स्पष्ट किया कि रमजान के महीने में मस्जिद के गेट बंद करना और नमाजियों को बेवजह रोकना पूरी तरह से गलत कदम है। पुराने शहर में सुरक्षा के नाम पर लगाई गई पाबंदियों को अमानवीय बताया गया।

मस्जिद के प्रबंधन का हक किसके पास है?

8 देशों के संयुक्त बयान में साफ किया गया कि अल-अक्सा मस्जिद का पूरा 144 डूनम का इलाका सिर्फ मुस्लिमों की इबादत के लिए है। इस जगह के प्रबंधन और वहां लोगों की एंट्री तय करने का इकलौता कानूनी अधिकार जॉर्डन के वक्फ मंत्रालय से जुड़े यरूशलम एंडोमेंट्स एंड अल-अक्सा मस्जिद अफेयर्स डिपार्टमेंट के पास है। इन देशों ने यरूशलम के पवित्र स्थलों पर इस्राइली संप्रभुता के दावे को पूरी तरह से खारिज कर दिया।

अंतरराष्ट्रीय समुदाय से क्या की गई मांग?

विदेश मंत्रियों ने मांग की कि इस्राइल तुरंत इस रोक को हटाए और यरूशलम के पुराने शहर में जाने के लिए बिना किसी पाबंदी के रास्ता खोले। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी अपील की कि वे इस मामले में सख्त कदम उठाएं ताकि इस्राइल को इन कार्रवाइयों से रोका जा सके। ऑर्गनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कोऑपरेशन (OIC) और फिलिस्तीन ने भी चेतावनी दी कि लगातार मस्जिद बंद रखने से पूरे इलाके में हालात और ज्यादा खराब हो सकते हैं।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.