UAE सरकार ने तेल निर्यात के लिए एक बहुत बड़ा कदम उठाया है। अब तेल ले जाने के लिए हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर निर्भरता खत्म करने की तैयारी है। इसके लिए एक नई पाइपलाइन के काम को तेज़ करने का आदेश दिया गया है ताकि दुनिया भर में तेल की सप्लाई बिना किसी रुकावट के पहुंच सके।

पाइपलाइन का काम क्यों किया जा रहा है तेज़?

Abu Dhabi National Oil Company (ADNOC) के बोर्ड की बैठक में यह फैसला लिया गया। Sheikh Khaled Bin Mohamed Bin Zayed Al Nahyan ने इस प्रोजेक्ट की डिलीवरी को जल्द पूरा करने का निर्देश दिया है। फरवरी 2026 से ईरान और अमेरिका-इजराइल के बीच युद्ध की वजह से हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य का रास्ता काफी हद तक बंद हो गया है। ऐसे में UAE अपने तेल को Fujairah के रास्ते बाहर भेजने की तैयारी कर रहा है ताकि क्षेत्रीय तनाव का असर व्यापार पर न पड़े।

नई पाइपलाइन से क्या बदलाव आएंगे?

  • इस नई West-East Pipeline के बनने से UAE की तेल भेजने की क्षमता काफी बढ़ जाएगी।
  • इसे 2027 तक पूरी तरह चालू करने का लक्ष्य रखा गया है।
  • पाइपलाइन पूरी होने पर हर दिन लगभग 40 लाख बैरल कच्चा तेल Fujairah के जरिए भेजा जा सकेगा।
  • अभी जो पुरानी पाइपलाइन (ADCOP) है, वह केवल 18 लाख बैरल तेल ही ले जा सकती है।

इस फैसले का आम व्यापार और उद्योगों पर क्या असर होगा?

यह प्रोजेक्ट न केवल तेल निर्यात को आसान बनाएगा, बल्कि UAE के अंदर उद्योगों को भी बढ़ावा देगा। Al Ruwais Industrial City में बन रहे TA’ZIZ Phase 1 केमिकल्स इकोसिस्टम को इससे काफी फायदा होगा। इससे स्थानीय स्तर पर मैन्युफैक्चरिंग बढ़ेगी और देश के औद्योगिक ढांचे को मजबूती मिलेगी। ADNOC की इस रणनीति से ग्लोबल एनर्जी डिमांड को पूरा करना और आसान हो जाएगा।

Frequently Asked Questions (FAQs)

यह नई पाइपलाइन कब तक पूरी होगी?

इस प्रोजेक्ट के काम को तेज़ कर दिया गया है और उम्मीद है कि यह 2027 तक पूरी तरह चालू हो जाएगी।

हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य को क्यों बाय-पास किया जा रहा है?

फरवरी 2026 से चल रहे क्षेत्रीय तनाव और युद्ध की वजह से यह रास्ता असुरक्षित हो गया है, इसलिए UAE ने सुरक्षित विकल्प के तौर पर Fujairah के रास्ते निर्यात करने का फैसला किया है।