संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में गर्मी के मौसम और छुट्टियों के दौरान होने वाले सड़क हादसों को रोकने के लिए सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। Ministry of Interior और Federal Traffic Council ने मिलकर तीन महीने का ‘Accident-Free Summer’ अभियान शुरू किया है। इसका मुख्य मकसद सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देना और यात्रा के दौरान होने वाली दुर्घटनाओं और चोटों को कम करना है।
यह अभियान 1 जुलाई 2026 से शुरू हुआ है और यह साल 2026 का तीसरा ट्रैफिक कैंपेन है। इसमें Ministry of Interior के साथ-साथ देशभर के पुलिस मुख्यालय, Abu Dhabi Police का ‘Safe Summer’ और Dubai Police का ‘Summer Without Accidents’ अभियान भी शामिल है। यह पहल सभी तरह की गाड़ियों के ड्राइवरों और सड़क इस्तेमाल करने वालों के लिए है।
गाड़ी की जांच और रख-रखाव के नियम
अधिकारियों ने ड्राइवरों से अपील की है कि वे यात्रा पर निकलने से पहले अपनी गाड़ी की अच्छी तरह जांच कर लें। इसमें मुख्य रूप से इन बातों का ध्यान रखना जरूरी है:
- टायर और लाइट: टायरों की स्थिति और लाइट व टर्न सिग्नल्स का सही से काम करना सुनिश्चित करें।
- लिक्विड चेक: गाड़ी के फ्लूइड लेवल और टायर प्रेशर की नियमित जांच करें।
- सामान की लिमिट: गाड़ी की छत पर सामान लादते समय ध्यान रखें कि उसकी ऊंचाई 60 सेंटीमीटर से ज्यादा न हो।
- इमरजेंसी किट: गाड़ी में फर्स्ट एड किट और अग्निशामक यंत्र (fire extinguisher) हमेशा साथ रखें।
गर्मी और सुरक्षा से जुड़ी चेतावनी
तेज गर्मी को देखते हुए प्रशासन ने कुछ सख्त सावधानियां बरतने को कहा है। ड्राइवरों को चेतावनी दी गई है कि वे गाड़ी के अंदर बच्चों को कभी अकेला न छोड़ें। साथ ही, गाड़ी में ऐसी चीजें न रखें जो गर्मी से फट सकती हैं या जिनमें आग लग सकती है, जैसे कि:
- लाइटर, परफ्यूम और बैटरी।
- पावर बैंक और हैंड सैनिटाइज़र।
- गैस सिलेंडर और प्रेशर वाले कंटेनर।
अधिकारियों ने यह भी सलाह दी है कि अगर स्टीयरिंग व्हील बहुत ज्यादा गर्म हो, तो तुरंत गाड़ी न चलाएं और गाड़ी को हमेशा छांव वाली जगह पर पार्क करें।
ड्राइविंग और पेट्रोल पंप के नियम
सुरक्षित सफर के लिए स्पीड लिमिट का पालन करना और दूसरी गाड़ी से सुरक्षित दूरी बनाए रखना जरूरी है। पेट्रोल पंप पर गाड़ी भरवाते समय इंजन बंद रखें, गाड़ी को लॉक करें और वहां धूम्रपान न करें।
इस अभियान की जानकारी आम लोगों और प्रवासियों तक पहुंचाने के लिए अरबी, अंग्रेजी और उर्दू भाषाओं में सोशल मीडिया के जरिए मैसेज भेजे जा रहे हैं, ताकि हर वर्ग के लोग इसे समझ सकें और सुरक्षित रह सकें।
