यूएई के विमानन क्षेत्र ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। 2015 से 2024 के बीच देश के हवाई अड्डों से गुजरने वाले यात्रियों की संख्या 1 अरब से अधिक हो गई है। यह जानकारी फेडरल कंपिटिटिवनेस एंड स्टैटिस्टिक्स सेंटर ने दी है।

रिपोर्ट के मुताबिक, इसी अवधि में हवाई जहाजों की आवाजाही (टेकऑफ़ और लैंडिंग) 64 लाख से ज़्यादा रही। यह दिखाता है कि पिछले 10 सालों में यूएई दुनिया के सबसे व्यस्त विमानन केंद्रों में लगातार आगे बढ़ा है। 2015 में जहां 11.48 करोड़ यात्री दर्ज किए गए थे, वहीं 2024 में यह संख्या बढ़कर 14.78 करोड़ हो गई। इसमें आने वाले, जाने वाले और ट्रांजिट यात्री सभी शामिल हैं। सिर्फ 2024 में ही 8 लाख से ज़्यादा विमान गतिशील रहे।

सेंटर ने बताया कि एयर ट्रांसपोर्ट क्वालिटी इंडेक्स में यूएई दुनिया में पहले स्थान पर है और पाँच अन्य अहम मानकों में टॉप 10 में जगह बनाई है। अर्थव्यवस्था और पर्यटन मंत्री तथा सिविल एविएशन अथॉरिटी (GCAA) के चेयरमैन अब्दुल्ला बिन तौक अल मार्री ने कहा कि इस विकास का श्रेय राष्ट्रीय रणनीतियों और सरकार की दूरदर्शी नीतियों को जाता है।

उन्होंने कहा कि ये उपलब्धियां साबित करती हैं कि यूएई वैश्विक यात्रा और विमानन मानचित्र पर एक मज़बूत स्थान रखता है और इसकी वजह से देश की अर्थव्यवस्था और प्रतिस्पर्धा क्षमता भी बढ़ रही है। अल मार्री ने यह भी बताया कि यूएई लगातार आधुनिक तकनीक अपनाकर एक टिकाऊ और सुरक्षित विमानन प्रणाली विकसित कर रहा है, जिसमें सेवा की गुणवत्ता भी बरकरार है।

पिछले 10 सालों की यह तेज़ी दिखाती है कि यूएई पर्यटन, व्यापार और अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने के लिए खुद को एक बड़े क्षेत्रीय और वैश्विक विमानन केंद्र के रूप में स्थापित कर रहा है।

Vandana Upadhyay

4 वर्ष तक देश के बड़े अखबारी प्रकाशनो में काम करने के उपरांत मैं अब GulfHindi में अपनी सेवा दे रही हूँ। उम्मीद हैं मेरी लेखनी आप सब को खबरों से सही और सटीक रूबरू कराएगी.