UAE सरकार ने देश की फैक्ट्रियों को पर्यावरण के अनुकूल और आधुनिक बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। Ministry of Energy and Infrastructure ने ‘National Green Certificates Programme’ के तहत फैक्ट्रियों के लिए ग्रीन सर्टिफिकेट लागू कर दिए हैं। इसकी घोषणा Abu Dhabi में आयोजित ‘Make it in the Emirates Forum’ के दौरान की गई ताकि इंडस्ट्री में प्रदूषण कम किया जा सके।

ग्रीन सर्टिफिकेट क्या है और यह कैसे काम करेगा?

यह एक ऐसा नेशनल फ्रेमवर्क है जिसके जरिए फैक्ट्रियों की जांच की जाएगी और उन्हें सर्टिफिकेट दिया जाएगा। इस प्रोग्राम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक का इस्तेमाल होगा। AI के जरिए यह देखा जाएगा कि फैक्ट्री में बिजली और पानी की कितनी बचत हो रही है और काम करने का तरीका कितना सही है। जो फैक्ट्रियां ऊर्जा बचाने और पर्यावरण को नुकसान न पहुँचाने वाले तरीके अपनाएंगी, उन्हें यह सर्टिफिकेट मिलेगा। इससे कंपनियों को बाजार में बेहतर पहचान मिलेगी और उन्हें नए फायदे भी मिलेंगे।

नियमों का पालन न करने पर क्या होगा असर?

UAE के संघीय जलवायु कानूनों के मुताबिक, अब सभी कंपनियों के लिए यह जरूरी है कि वे अपने कार्बन उत्सर्जन को मापें और उसकी रिपोर्ट सरकार को दें। कंपनियों को उत्सर्जन कम करने की रणनीति बनानी होगी और उसका रिकॉर्ड रखना होगा। अगर कोई कंपनी इन नियमों का पालन नहीं करती है, तो उस पर जुर्माना लग सकता है। Eng. Sharif Al Olama ने बताया कि यह कदम UAE के ‘Net Zero 2050’ लक्ष्य को हासिल करने में मदद करेगा। इस पूरी प्रक्रिया में MoEI कंपनियों को तकनीकी सहायता और सलाह भी देगा।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ग्रीन सर्टिफिकेट के लिए कौन सी तकनीक का इस्तेमाल होगा?

इस प्रोग्राम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक का उपयोग किया जाएगा। इससे फैक्ट्रियों में बिजली और पानी की खपत और औद्योगिक प्रक्रियाओं की क्वालिटी को सटीकता से नापा जा सकेगा।

क्या नियम न मानने वाली कंपनियों पर जुर्माना लगेगा?

हाँ, UAE के संघीय जलवायु कानूनों के तहत उत्सर्जन की रिपोर्ट देना अनिवार्य है। जो कंपनियां इन नियमों को नहीं मानेंगी और रिकॉर्ड नहीं रखेंगी, उन्हें जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है।