UAE ने एशिया और प्रशांत क्षेत्र में खेती-बाड़ी को बेहतर बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। इसके लिए UAE के प्रेसिडेंशियल कोर्ट ने एशियाई विकास बैंक (ADB) के साथ एक अहम समझौता किया है। इस पहल से 8 अलग-अलग देशों के किसानों को खेती की नई तकनीक मिलेगी जिससे आने वाले समय में खाने-पीने की चीजों की कमी को दूर किया जा सके।

कितने पैसों की मदद और कौन हैं भागीदार

इस समझौते के तहत 1.5 मिलियन अमेरिकी डॉलर की तकनीकी सहायता दी जाएगी। यह करार 7 मई 2026 को उज्बेकिस्तान के समरकंद में 59वीं ADB वार्षिक बैठक के दौरान हुआ। इस पूरी प्रक्रिया में UAE प्रेसिडेंशियल कोर्ट के इंटरनेशनल अफेयर्स ऑफिस और एशियाई विकास बैंक (ADB) मुख्य भागीदार हैं। साथ ही, इस प्रोजेक्ट को जापान के ‘फंड फॉर प्रॉस्परस एंड रेजिलिएंट एशिया एंड द पैसिफिक’ (JFPR) का भी सहयोग मिल रहा है।

किन देशों के किसानों को मिलेगा इसका फायदा

इस पार्टनरशिप का मुख्य मकसद खेती में आधुनिक बदलाव लाना है। इसके जरिए कुल 8 देशों के किसानों और वहां की सरकारों की मदद की जाएगी। इन देशों की लिस्ट इस प्रकार है:

  • बांग्लादेश
  • इंडोनेशिया
  • नेपाल
  • फिलीपींस
  • वियतनाम
  • पाकिस्तान
  • थाईलैंड
  • मालदीव

यह समझौता असल में क्या काम करेगा

इस प्रोजेक्ट के जरिए किसानों को खेती के ऐसे तरीके सिखाए जाएंगे जो वैज्ञानिक प्रमाणों और सबूतों पर आधारित हों। UAE और ADB संबंधित देशों की सरकारों के साथ मिलकर काम करेंगे। इसका लक्ष्य खेती की नई तकनीकों को जमीनी स्तर पर लागू करना है ताकि फसल की पैदावार बढ़े और फूड सिक्योरिटी यानी खाद्य सुरक्षा को मजबूत किया जा सके।

Frequently Asked Questions (FAQs)

UAE और ADB के बीच यह समझौता कब और कहाँ हुआ

यह समझौता 7 मई 2026 को उज्बेकिस्तान के समरकंद में 59वीं एशियाई विकास बैंक (ADB) की वार्षिक बैठक के दौरान हुआ।

इस तकनीकी साझेदारी के लिए कितनी राशि तय की गई है

इस तकनीकी सहयोग साझेदारी के लिए कुल 1.5 मिलियन अमेरिकी डॉलर की राशि तय की गई है।