UAE की सरकारी कंपनी ADNOC के एक टैंकर पर ईरान ने ड्रोन हमला किया था. अब इस हमले के बाद ओमान के तट के पास समंदर में तेल रिसाव की खबर आई है. कंपनी ने खुद माना है कि हादसे की वजह से कुछ ईंधन बाहर निकला है और फिलहाल स्थिति पर नजर रखी जा रही है.
MV Barakah पर हमला और तेल रिसाव का पूरा मामला क्या है?
यह पूरा मामला 4 मई 2026 का है जब ईरान के दो ड्रोन ने ADNOC Logistics & Services के जहाज MV Barakah को निशाना बनाया था. इस घटना के कुछ दिनों बाद 13 मई 2026 को कंपनी ने कन्फर्म किया कि जहाज से कुछ मात्रा में ईंधन लीक हुआ है. इस रिसाव की जानकारी सैटेलाइट तस्वीरों से भी मिली थी.
- सैटेलाइट सबूत: Copernicus के Sentinel सैटेलाइट ने 7 और 9 मई को तस्वीरें ली थीं, जिनमें जहाज के पीछे सफेद रंग की एक लकीर दिख रही थी.
- विशेषज्ञ की राय: डेटा डेस्क के लुईस गोडार्ड ने बताया कि यह सफेद लकीर तेल रिसाव का ही संकेत थी.
- ताजा स्थिति: हालिया तस्वीरों में अब तेल का वह धब्बा दिखाई नहीं दे रहा है और जहाज अभी ओमान के पास लंगर डाले खड़ा है.
UAE सरकार का क्या कहना है और अभी क्या स्थिति है?
UAE के विदेश मंत्रालय ने इस हमले की कड़ी निंदा की है. मंत्रालय ने इसे अंतरराष्ट्रीय नियमों और UN सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 का खुला उल्लंघन बताया है. साथ ही ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स की इस हरकत को समुद्री डकैती करार दिया है.
ADNOC Logistics & Services के प्रवक्ता ने बताया कि रिसाव में ‘बंकर फ्यूल’ का इस्तेमाल हुआ था, हालांकि लीक हुई तेल की सही मात्रा नहीं बताई गई है. राहत की बात यह रही कि हमले के वक्त जहाज पर कोई कार्गो नहीं था और किसी भी क्रू मेंबर को चोट नहीं आई थी. कंपनी अब एक्सपर्ट टीम और संबंधित अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रही है.
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या इस ड्रोन हमले में कोई घायल हुआ है?
ADNOC Logistics & Services के अनुसार, इस हमले के दौरान जहाज पर मौजूद किसी भी क्रू मेंबर को कोई चोट नहीं आई थी.
तेल रिसाव का पता कैसे चला?
Copernicus के Sentinel सैटेलाइट से ली गई तस्वीरों में 7 और 9 मई को जहाज के पीछे सफेद लकीर दिखी थी, जिसकी पुष्टि विशेषज्ञों ने तेल रिसाव के रूप में की.
