खाड़ी देशों में बढ़ते सुरक्षा खतरों के बीच संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE के राष्ट्रपति के राजनयिक सलाहकार डॉ. अनवर गरगाश ने एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कुवैत और बहरीन पर ईरान के हालिया हमलों के खिलाफ सभी खाड़ी देशों को एकजुट होने की अपील की है। डॉ. गरगाश ने साफ तौर पर कहा है कि पूरे अरब क्षेत्र को ईरान की बढ़ी हुई क्षेत्रीय महत्वाकांक्षाओं की भारी कीमत चुकानी पड़ रही है और अब समय आ गया है कि इस पर एक मजबूत और एकजुट रुख अपनाया जाए।
ईरान के हमलों के खिलाफ क्यों जरूरी है खाड़ी देशों की एकता?
डॉ. अनवर गरगाश ने बताया कि कुवैत और बहरीन पर लगातार हो रहे हमले अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन हैं। उन्होंने कहा कि कुवैत की सुरक्षा सीधे तौर पर यूएई की सुरक्षा से जुड़ी हुई है। खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) ने भी इन हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की है। डॉ. गरगाश के अनुसार, खाड़ी देशों को अपनी संप्रभुता और सुरक्षा की रक्षा के लिए आपसी संबंधों और नीतियों पर दोबारा विचार करना होगा क्योंकि क्षेत्र की सुरक्षा को अलग-अलग करके नहीं देखा जा सकता।
UAE की सुरक्षा प्रणाली और पिछले हमलों के आंकड़े क्या हैं?
यूएई पर हुए पिछले हमलों का जिक्र करते हुए डॉ. गरगाश ने बताया कि देश की सुरक्षा प्रणाली बेहद मजबूत है। यूएई ने ईरान की तरफ से दागे गए 2,800 से अधिक मिसाइलों और ड्रोनों में से लगभग 96 प्रतिशत को सफलतापूर्वक हवा में ही नष्ट कर दिया था। इसके साथ ही उन्होंने मई 2026 में बराक परमाणु ऊर्जा संयंत्र (Barakah Nuclear Energy Plant) को निशाना बनाकर किए गए हमले की भी याद दिलाई और कहा कि यह आम नागरिकों के जीवन को खतरे में डालने वाली एक बेहद खतरनाक और आपराधिक हरकत थी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
कुवैत पर हुए हमले को लेकर यूएई का क्या रुख है?
यूएई के राष्ट्रपति के सलाहकार डॉ. अनवर गरगाश ने स्पष्ट किया है कि कुवैत की सुरक्षा और स्थिरता यूएई की अपनी सुरक्षा का हिस्सा है और पड़ोसी देशों पर हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
यूएई ने ईरान के कितने हवाई हमलों को नाकाम किया है?
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, यूएई ने अपनी मजबूत डिफेंस प्रणाली के जरिए ईरान द्वारा दागे गए 2,800 से अधिक मिसाइलों और ड्रोनों में से लगभग 96 प्रतिशत को सफलतापूर्वक हवा में ही मार गिराया है।
