UAE और अफ्रीका अब व्यापार और निवेश के मामले में एक-दूसरे के और करीब आ रहे हैं। हाल ही में UAE के स्टेट मिनिस्टर Sheikh Shakhbout bin Nahyan Al Nahyan ने AfCFTA के सेक्रेटरी-जनरल Wamkele Mene के साथ मुलाकात की। इस मीटिंग में दोनों पक्षों ने इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल सिस्टम को बेहतर बनाने और निवेश बढ़ाने पर चर्चा की।

UAE और अफ्रीका के निवेश की क्या है स्थिति?

UAE ने अफ्रीका के साथ अपने व्यापारिक रिश्तों को बहुत मजबूत किया है। 2019 से 2023 के बीच UAE ने अफ्रीका में 110 अरब डॉलर से ज़्यादा का निवेश किया है। यह किसी भी एक देश द्वारा किया गया सबसे बड़ा निवेश है। इसमें से 70 अरब डॉलर का पैसा एनर्जी और ग्रीन सेक्टर में लगाया गया है। UAE का मकसद अफ्रीका के विकास में मदद करना और साझा आर्थिक ग्रोथ को बढ़ावा देना है।

AI और इंफ्रास्ट्रक्चर पर क्या होगा काम?

UAE ने अफ्रीका में AI इंफ्रास्ट्रक्चर और सेवाओं को बढ़ाने के लिए 1 अरब डॉलर के निवेश का ऐलान किया है। इससे वहां की पढ़ाई, सेहत और क्लाइमेट बदलाव जैसी समस्याओं को सुलझाने में मदद मिलेगी। इसके अलावा DP World और AD Ports जैसी कंपनियां अफ्रीका के बंदरगाहों को आधुनिक बनाने में जुटी हैं। तंजानिया के दार एस सलाम पोर्ट और अंगोला के लुअंडा टर्मिनल पर बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है।

UAE-अफ्रीका निवेश के मुख्य आंकड़े

विवरण निवेश की राशि
कुल निवेश (2019-2023) 110 अरब डॉलर से ज़्यादा
एनर्जी और ग्रीन सेक्टर 70 अरब डॉलर से ज़्यादा
AI इंफ्रास्ट्रक्चर पहल 1 अरब डॉलर
दार एस सलाम पोर्ट (तंजानिया) 1 अरब डॉलर
लुअंडा टर्मिनल (अंगोला) 380 मिलियन डॉलर
पर्यटन प्रोजेक्ट्स (अनुमानित) 6 अरब डॉलर