संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में साइबर हमलों का खतरा बहुत तेजी से बढ़ा है। UAE साइबर सिक्योरिटी काउंसिल ने बताया कि अब रोजाना लगभग 6 लाख बार AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) के जरिए हमला करने की कोशिश की जा रही है। यह संख्या फरवरी के महीने के मुकाबले तीन गुना ज्यादा हो गई है, जिससे सरकारी ऑफिस, बैंकों और बिजली-पानी जैसी जरूरी सेवाओं पर खतरा बढ़ गया है।

UAE में साइबर हमले कैसे हो रहे हैं और कौन कर रहा है?

काउंसिल के चेयरमैन डॉ. मोहम्मद हामद अल कुवैती ने बताया कि ईरान से जुड़े स्वतंत्र समूह और सरकारी एजेंसियां AI टूल्स जैसे ChatGPT का इस्तेमाल कर रही हैं। इन टूल्स की मदद से हमलावर सिस्टम की कमियां ढूंढ रहे हैं, फर्जी ईमेल भेज रहे हैं और खतरनाक सॉफ्टवेयर बना रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रैक किए गए खतरे पैदा करने वाले तत्वों में से 71.4% सरकारी स्तर पर प्रायोजित हैं। इसके अलावा, डीपफेक तकनीक और AI आधारित गलत सूचनाओं का इस्तेमाल कर देश की छवि खराब करने की कोशिश की गई है।

हमलों के तरीके और आम लोगों पर इसका असर

साइबर हमलों के लिए अपनाए जा रहे तरीके काफी खतरनाक हैं, जिनका सीधा असर आम लोगों और प्रवासियों पर पड़ सकता है। मुख्य बिंदु नीचे दिए गए हैं:

  • फिशिंग ईमेल: काउंसिल के अनुसार 75% से ज्यादा साइबर सेंधमारी फर्जी ईमेल के जरिए शुरू हुई है।
  • पासवर्ड चोरी: वित्तीय हमलों में 60% से अधिक मामलों में लॉगिन क्रेडेंशियल्स यानी यूजर आईडी और पासवर्ड की चोरी पाई गई है।
  • सरकारी सेवाओं में देरी: कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि अगर डिजिटल सिस्टम में थोड़ी भी रुकावट आती है, तो दुबई कोर्ट जैसे हाई-वॉल्यूम सिस्टम में 15-25% डिजिटल फाइलिंग में देरी हो सकती है।
  • डेटा का स्थानांतरण: मार्च में AWS डेटा सेंटर्स में आई दिक्कतों के बाद कई कंपनियों ने अपना डेटा भारत और यूरोप के केंद्रों में ले जाने की योजना तेज कर दी है।

सुरक्षित रहने के लिए सरकार ने क्या सलाह दी है?

UAE सरकार ने अपनी सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए ‘जीरो ट्रस्ट’ सुरक्षा मॉडल अपनाया है और नेशनल साइबर सिक्योरिटी ऑपरेशंस सेंटर को सक्रिय कर दिया है। आम जनता और प्रवासियों के लिए सुरक्षा के कुछ जरूरी उपाय बताए गए हैं:

  • किसी भी अनजान या संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें।
  • भरोसेमंद न होने पर किसी भी QR कोड को स्कैन करने से बचें।
  • अपनी निजी और बैंकिंग जानकारी किसी के साथ साझा न करें।
  • अपने सभी डिजिटल अकाउंट्स पर मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (MFA) चालू करें, क्योंकि यह पहचान से जुड़े 99% हमलों को रोकने में सक्षम है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

UAE में रोजाना कितने साइबर हमले हो रहे हैं?

वर्तमान में UAE रोजाना लगभग 6 लाख AI-पावर्ड साइबर हमलों का सामना कर रहा है, जो फरवरी 2026 के करीब 2 लाख हमलों के मुकाबले तीन गुना ज्यादा है।

साइबर हमलों से बचने के लिए सबसे जरूरी कदम क्या है?

सरकार ने संदिग्ध लिंक और QR कोड से बचने की सलाह दी है और मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (MFA) को चालू करने पर जोर दिया है ताकि अकाउंट सुरक्षित रहें।