UAE ने कैंसर से लड़ने की दिशा में एक बहुत बड़ी कामयाबी हासिल की है। यहाँ पहली बार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से एक नई दवा तैयार की गई है। इस दवा का नाम ISM0387 है, जो खासतौर पर खतरनाक कैंसर ट्यूमर को खत्म करने के लिए बनाई गई है। यह कदम दुनिया भर के मरीजों के लिए उम्मीद की एक नई किरण लेकर आया है।

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AI से दवा बनाने में कितना समय लगा?

आम तौर पर किसी दवा के कंपाउंड को खोजने में 4 साल से ज्यादा का समय लगता है, लेकिन UAE में यह काम सिर्फ 6 महीने में पूरा हो गया। पूरी प्रक्रिया, जिसमें डिजाइन से लेकर दवा के चयन तक का काम शामिल था, 12 महीने से भी कम समय में खत्म हुई। पारंपरिक तरीकों में इस काम में 10 साल और अरबों डॉलर खर्च होते थे। इसे Insilico Medicine की टीम ने अपने Pharma.AI सिस्टम के जरिए मुमकिन किया है।

यह दवा कैसे काम करेगी और किन मरीजों के लिए है?

यह दवा ISM0387 मुख्य रूप से शरीर के उन ठोस ट्यूमर पर हमला करती है जो इलाज के प्रति जिद्दी होते हैं। यह खास तौर पर दिमाग के कैंसर के इलाज में असरदार हो सकती है, क्योंकि इसमें ब्लड-ब्रेन बैरियर को पार करने की क्षमता है। रिसर्च के दौरान जानवरों पर इसके ट्रायल किए गए, जहाँ 30 mg/kg की रोजाना खुराक देने पर ट्यूमर में कमी देखी गई। यह दवा केवल कैंसर कोशिकाओं को निशाना बनाती है और स्वस्थ कोशिकाओं को नुकसान नहीं पहुँचाती।

इस प्रोजेक्ट में किन संस्थाओं ने हिस्सा लिया?

इस बड़ी उपलब्धि का ऐलान Emirates Drug Establishment (EDE) ने किया है। इसे बनाने में Insilico Medicine की एक छोटी टीम ने काम किया, जिसमें सिर्फ चार वैज्ञानिक शामिल थे। इस काम में MBZUAI और NYU Abu Dhabi जैसी यूनिवर्सिटीज ने भी मदद की है। UAE सरकार का मानना है कि इस कदम से देश दुनिया के बायोटेक सेक्टर में और मजबूत होगा और नए इलाज खोजने में मदद मिलेगी।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.