संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने ड्रग माफियाओं के खिलाफ अपनी कमर कस ली है। डार्क वेब और सोशल मीडिया के जरिए फैले ड्रग नेटवर्क को खत्म करने के लिए सरकार ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। प्रशासन का मकसद नशा तस्करी के खिलाफ सख्त रुख अपनाकर युवाओं और समाज को सुरक्षित रखना है।

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AI से मिली कामयाबी

दुबई कस्टम्स की AI-पावर्ड सिस्टम ने 3 जुलाई 2026 को बड़ी कामयाबी हासिल की। स्मार्ट रिस्क इंजन की मदद से विभाग ने 278,850 प्रीगाबालिन (Pregabalin) की गोलियां बरामद कीं, जिनका वजन करीब 200 किलोग्राम था। इस मामले में 4 संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है। दुबई कस्टम्स के डायरेक्टर जनरल डॉ. अब्दुल्ला बुसेनाद ने कहा कि आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मजबूत हो रही है।

सख्त निगरानी और अंतरराष्ट्रीय सहयोग

ड्रग्स के ऑनलाइन प्रचार और बिक्री को रोकने के लिए UAE ने 2,297 डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को बंद कर दिया है। दुबई पुलिस ने अकेले 2026 की पहली तिमाही में 110 वेबसाइटों को ब्लॉक किया। इसके अलावा, ड्रग विरोधी विभाग ने 24 देशों के साथ मिलकर काम करते हुए 90 इंटेलिजेंस रिपोर्ट साझा की हैं, जिससे विदेशों में भी कई गिरफ्तारियां संभव हुईं।

आबू धाबी पुलिस ने वर्ल्ड ड्रग डे 2026 के मौके पर AI मोशन टेक्नोलॉजी और वर्चुअल रियलिटी (VR) के जरिए जागरूकता फैलाने का काम किया है। साथ ही, बच्चों को नशे के खतरों से बचाने के लिए एक डिजिटल ड्रग प्रिवेंशन प्लेटफॉर्म भी शुरू किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, सोशल मीडिया और गेमिंग प्लेटफॉर्म के जरिए युवाओं को निशाना बनाने वाले तस्करों पर कड़ी नजर रखी जा रही है और नियम तोड़ने वालों को भारी जुर्माना और जेल की सजा का सामना करना पड़ेगा।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.