UAE में रहने वाले लोगों और बिजनेस चलाने वालों के लिए बड़ी चेतावनी आई है। अब जालसाज AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल करके लोगों को लूट रहे हैं। डीपफेक वीडियो और आवाज़ बदलकर धोखेबाज़ी की जा रही है, जिससे बचना अब बहुत ज़रूरी हो गया है। दुबई पुलिस और साइबर काउंसिल ने लोगों को इन खतरों के प्रति आगाह किया है।

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UAE में AI स्कैम कैसे हो रहे हैं और कितना खतरा है?

UAE साइबर सिक्योरिटी काउंसिल के मुताबिक, देश में रोज़ाना 5 लाख से 7 लाख AI-आधारित साइबर हमले हो रहे हैं। इनमें से 90 प्रतिशत से ज़्यादा मामले AI फिशिंग के हैं, जहाँ फर्जी मैसेज और ईमेल भेजे जाते हैं। अब जालसाज डीपफेक तकनीक से किसी की भी आवाज़ या चेहरा बदलकर पैसे ऐंठ रहे हैं। सिंथेटिक आइडेंटिटी फ्रॉड में 8 गुना की बढ़ोतरी देखी गई है, जो आम प्रवासियों और व्यापारियों के लिए चिंता का विषय है।

धोखाधड़ी करने वालों के लिए क्या है कानून और सजा?

UAE के साइबर क्राइम कानून (Federal Decree-Law No. 31 of 2021) के तहत डीपफेक बनाना और शेयर करना अपराध है। अगर कोई व्यक्ति इस तरीके से धोखाधड़ी या किसी की प्राइवेसी तोड़ता है, तो उसे कम से कम एक साल की जेल हो सकती है। साथ ही 2.5 लाख से 10 लाख दिरहम तक का भारी जुर्माना भी लगाया जा सकता है। सरकार ने साफ़ किया है कि डिजिटल सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी।

हाल के समय में हुए साइबर हमलों का विवरण

तारीख घटना/अपडेट
14 अप्रैल 2026 PHANTOMPULSE नाम का नया मालवेयर विंडोज और मैक सिस्टम पर हमला कर रहा है।
13 अप्रैल 2026 जेनरेटिव AI की वजह से सिंथेटिक आइडेंटिटी फ्रॉड में 8 गुना की बढ़त हुई।
05 अप्रैल 2026 AI फिशिंग से 90 प्रतिशत से ज़्यादा डिजिटल सुरक्षा ब्रीच हो रहे हैं।
01 अप्रैल 2026 देश की सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता को निशाना बनाने वाले 7 लाख हमले रोज़ाना हो रहे हैं।
23-25 फरवरी 2026 UAE ने बुनियादी ढांचे पर हुए आतंकवादी प्रकृति के AI हमलों को नाकाम किया।
11-14 जनवरी 2026 दुबई पुलिस ने AI द्वारा बनाए गए फर्जी दस्तावेज़ों और आवाज़ों के बारे में अलर्ट जारी किया।

खुद को और अपने बिजनेस को कैसे बचाएं?

दुबई पुलिस और सरकारी विभाग ने लोगों को अलर्ट रहने की सलाह दी है। संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें और मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन का इस्तेमाल करें। किसी भी अनजान कॉल या मैसेज पर भरोसा करने से पहले उसकी पुष्टि ज़रूर करें, क्योंकि अब जालसाज सरकारी अधिकारियों की नकल करने में भी माहिर हो गए हैं। पासवर्ड को समय-समय पर बदलते रहें और किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपनी बायोमेट्रिक जानकारी साझा न करें।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.