UAE सरकार ने लोगों और कंपनियों को असुरक्षित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सिस्टम के खतरों के प्रति आगाह किया है। सरकार का कहना है कि जैसे-जैसे नई टेक्नोलॉजी बढ़ रही है, वैसे-वैसे डिजिटल सुरक्षा यानी साइबर हाइजीन पर ध्यान देना बहुत ज़रूरी हो गया है ताकि साइबर हमलों से बचा जा सके।

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UAE गवर्नमेंट साइबर सिक्योरिटी काउंसिल के हेड डॉ. मोहम्मद अल कुवैती ने बताया कि साइबर अपराधियों के लिए अब AI के ज़रिए डीपफेक, फिशिंग और धोखाधड़ी करना आसान हो गया है। उन्होंने कहा कि साइबर खतरों से लड़ने में आम इंसान की जागरूकता सबसे बड़ी ताकत है।

साइबर हमलों से निपटने के लिए नए कदम

देश की डिजिटल सुरक्षा को मज़बूत करने के लिए सरकार ने कई बड़े कदम उठाए हैं:

  • UAE साइबर फैक्ट्री: मई 2026 में शुरू हुई इस पहल का मकसद AI आधारित डिफेंस सिस्टम बनाना है, क्योंकि देश में हर दिन करीब 8 लाख साइबर हमले रिकॉर्ड किए जा रहे हैं।
  • AI और डेटा अथॉरिटी: जून 2026 में सरकार ने एक नई अथॉरिटी बनाने की मंज़ूरी दी, जो पूरे देश में AI और डेटा मैनेजमेंट के नियम तय करेगी।
  • नया सिक्योरिटी फ्रेमवर्क: नवंबर 2025 में ‘इन्फॉर्मेशन एश्योरेंस स्टैंडर्ड v2.1’ लागू किया गया, जिसमें AI जैसी नई टेक्नोलॉजी के लिए कड़े नियम बनाए गए हैं।

नियम तोड़ना पड़ेगा भारी

UAE मीडिया काउंसिल ने सितंबर 2025 में साफ़ चेतावनी दी थी कि बिना आधिकारिक मंज़ूरी के किसी भी पब्लिक फिगर या नेशनल सिंबल की AI इमेज या वीडियो बनाना जुर्म होगा। गलत जानकारी फैलाने या नफरत भड़काने वाले ऐसे कंटेंट पर भारी जुर्माना और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इसके अलावा, संघीय डिक्री-लॉ नंबर 34 और 45 के तहत AI सिस्टम का इस्तेमाल व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा के लिए करना अनिवार्य है। DIFC में काम करने वाली कंपनियों के लिए भी जनवरी 2026 से AI और ऑटोमैटिक सिस्टम के इस्तेमाल को लेकर नए नियम लागू कर दिए गए हैं।

प्रवासियों के लिए चेतावनी

खासकर Gulf में रहने वाले प्रवासियों और भारतीयों को डिजिटल सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। साइबर अपराधी AI का इस्तेमाल कर बहुत ही असली दिखने वाले फर्जी मैसेज और कॉल कर रहे हैं ताकि लोगों का डेटा और पैसा चुरा सकें। ऐसे में अनजान लिंक्स पर क्लिक न करना और अपनी निजी जानकारी साझा न करना ही सबसे सुरक्षित तरीका है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.