संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने एक बार फिर गज़ा के लोगों की मदद के लिए हाथ बढ़ाया है। मदद का एक और विमान 100 टन खाने और बच्चों के लिए दूध के फॉर्मूला के साथ मिस्र के अल अरिश के लिए रवाना हुआ। यह पूरी कार्रवाई “ऑपरेशन शिवालरस नाइट 3” (Operation Chivalrous Knight 3) के तहत की गई है ताकि वहां के लोगों को ज़रूरी सामान मिल सके।
👉: UAE का बड़ा कदम, गाजा के लिए भेजी 100 टन मदद, बच्चों के लिए दूध और राशन का इंतज़ाम किया।
यह मानवीय अभियान UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के निर्देशों पर चलाया जा रहा है। इसे एमिरेट्स रेड क्रीसेंट अथॉरिटी (Emirates Red Crescent Authority) लागू कर रही है और इसकी निगरानी शेख हमदान बिन जायद अल नाहयान कर रहे हैं।
हाल के दिनों में भेजी गई मदद
गज़ा में हालात सुधारने के लिए UAE लगातार काम कर रहा है। पिछले कुछ दिनों की जानकारी इस प्रकार है:
- 14 जून 2026: 42 ट्रकों के काफिले ने गज़ा में 544 टन राशन और रहने के लिए शेल्टर का सामान पहुँचाया।
- 7 जून 2026: 60 ट्रकों के ज़रिए 740 टन खाद्य सामग्री गज़ा भेजी गई।
- 8 जून 2026: एमिरेट्स रेड क्रीसेंट ने 36.7 मिलियन दिरहम (करीब 9.9 मिलियन डॉलर) की नई मदद दी, जिसमें 1.6 लाख से ज़्यादा फूड बास्केट और 40 हज़ार से ज़्यादा सैनिटरी पैकेट शामिल थे।
पानी और इलाज की सुविधा
सिर्फ राशन ही नहीं, UAE ने बुनियादी सुविधाओं पर भी ध्यान दिया है। मिस्र के रफ़ाह में UAE ने पानी साफ़ करने वाले प्लांट लगाए हैं, जो रोज़ाना करीब 20 लाख गैलन साफ़ पानी खान यूनिस (Khan Younis) भेज रहे हैं। इसके लिए एक खास पाइपलाइन बिछाई गई है जिसे Emirati और Egyptian इंजीनियर संभाल रहे हैं।
साथ ही, अल अरिश में UAE का फ्लोटिंग हॉस्पिटल (Floating Hospital) भी काम कर रहा है। यहाँ गज़ा के मरीजों का इलाज, सर्जरी और किडनी डायलिसिस जैसी सुविधाएँ दी जा रही हैं। फरवरी में रफ़ाह क्रॉसिंग खुलने के बाद से अब तक यहाँ 90 मरीजों का इलाज किया जा चुका है।
अल अरिश में तैनात UAE मानवीय सहायता मिशन के सदस्य मोहम्मद अल काबी ने कहा कि उनके देश की ओर से गज़ा के भाइयों की मदद लगातार जारी रहेगी।