संयुक्त अरब अमीरात के रक्षा मंत्रालय ने सोमवार, 23 मार्च 2026 को जानकारी दी कि उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने ईरान की तरफ से लॉन्च किए गए 7 बैलिस्टिक मिसाइलों और 16 ड्रोन को सफलतापूर्वक रोक दिया। मंत्रालय ने इसे बड़ी आक्रामकता बताया है जिससे आम नागरिकों की जान को खतरा हुआ है। सेना ने स्पष्ट किया है कि वे देश की सुरक्षा और अखंडता के खिलाफ किसी भी खतरे का कड़ा जवाब देने के लिए तैयार हैं।

हमले के बाद सुरक्षा स्थिति पर क्या बोले अधिकारी?

यूएई के रक्षा मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर बताया कि यह हमले आम लोगों की सुरक्षा के लिए खतरा बने हैं। राष्ट्रपति के राजनयिक सलाहकार डॉक्टर अनवर गरगाश ने कहा कि यूएई का ध्यान केवल युद्ध विराम पर नहीं बल्कि क्षेत्रीय सुरक्षा को स्थाई रूप से मजबूत करने पर है। मंत्रालय ने यह भी दोहराया है कि यूएई अपनी ज़मीन, पानी या आसमान का उपयोग ईरान के खिलाफ किसी भी सैन्य कार्रवाई के लिए नहीं करने देगा और न ही इसके लिए कोई रसद सहायता दी जाएगी।

हमले में हुए नुकसान और घायलों की जानकारी

इस संघर्ष की वजह से अब तक कई लोगों की जान गई है और काफी लोग घायल हुए हैं। घायलों में एक भारतीय नागरिक भी शामिल है जिसे अबू धाबी में गिरने वाले मलबे से मामूली चोटें आई हैं। हताहतों का विवरण नीचे दिया गया है:

श्रेणी संख्या और विवरण
यूएई सैन्य बल 2 सैनिकों की मृत्यु
नागरिक (विदेशी) 6 मृत्यु (पाकिस्तानी, नेपाली, बांग्लादेशी और फिलिस्तीनी)
कुल घायल 161 लोग
भारतीय नागरिक 1 घायल (मामूली चोट)

अब तक की कुल कार्रवाई का डेटा

जब से यह तनाव शुरू हुआ है, यूएई की वायु रक्षा प्रणाली ने सैकड़ों खतरों को हवा में ही खत्म किया है। रक्षा मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार कार्रवाई कुछ इस प्रकार रही है:

  • अब तक कुल 352 बैलिस्टिक मिसाइलें इंटरसेप्ट की गई हैं
  • कुल 15 क्रूज मिसाइलों को नष्ट किया गया है
  • 1,789 ड्रोन (UAVs) को हवा में ही मार गिराया गया है
  • ताज़ा हमले में 23 प्रोजेक्टाइल शामिल थे जिन्हें नष्ट किया गया

तनाव को देखते हुए अमेरिका भी मिडिल ईस्ट में करीब 4,500 मरीन सैनिकों और F-35 विमानों को भेजने की तैयारी कर रहा है। वहीं ईरान ने भी चेतावनी दी है कि अगर उसके दक्षिण तट पर हमला हुआ तो वह Strait of Hormuz को पूरी तरह बंद कर देगा।