UAE के एयर डिफेंस सिस्टम ने अपनी मजबूती दिखाते हुए अब तक 452 बैलिस्टिक मिसाइलों को मार गिराया है। यह कार्रवाई ईरानी हमलों के खिलाफ शुरू हुई सुरक्षा प्रक्रिया के तहत की गई है। 31 मार्च 2026 तक के ताजा अपडेट के अनुसार, देश की सुरक्षा व्यवस्था ने इन खतरों को पूरी तरह से बेअसर कर दिया है। अधिकारियों ने जनता को सुरक्षा का पूरा भरोसा दिलाते हुए सावधानी बरतने की अपील की है।

अब तक कितने मिसाइल और ड्रोन नष्ट किए गए?

संयुक्त अरब अमीरात के रक्षा मंत्रालय ने समय-समय पर हमलों से जुड़े आंकड़े जारी किए हैं। इन आंकड़ों से पता चलता है कि देश की सुरक्षा दीवार कितनी मजबूत है। हालिया हमलों के दौरान एयर डिफेंस ने तेजी से कार्रवाई की और रिहायशी इलाकों को बड़े नुकसान से बचाया।

हथियार का प्रकार कुल संख्या (अनुमानित)
बैलिस्टिक मिसाइल 452
क्रूज मिसाइल 15
UAV (ड्रोन) 1,941

30 मार्च 2026 को भी UAE की वायु सेना ने 16 बैलिस्टिक मिसाइलों और 42 ड्रोन को बीच हवा में ही नष्ट किया था। यह डेटा लगातार अपडेट किया जा रहा है ताकि क्षेत्रीय सुरक्षा की सही स्थिति बनी रहे।

सुरक्षा और कूटनीतिक कदमों पर क्या बोले अधिकारी?

UAE के राष्ट्रपति के राजनयिक सलाहकार अनवर गरगाश ने स्पष्ट किया है कि किसी भी राजनीतिक समाधान के लिए ठोस गारंटी जरूरी है। उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसे उल्लंघनों को रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम होने चाहिए। इसके साथ ही ईरान द्वारा नागरिक और महत्वपूर्ण सुविधाओं को निशाना बनाए जाने के लिए मुआवजे की मांग भी की गई है।

  • ईरान की ओर से कुवैत के सैन्य शिविर पर हुए हमले की भी निंदा की गई है।
  • सऊदी अरब ने भी अपने पूर्वी क्षेत्र में 5 मिसाइलों को मार गिराने की पुष्टि की है।
  • ईरान ने हाल ही में द्वीपों के विवाद को लेकर रस अल खैमाह पर हमले की धमकी दी थी।
  • UAE का सुरक्षा ढांचा लगातार ड्रोन और मिसाइल अभियानों को नाकाम करने में सफल रहा है।

प्रवासियों और यात्रियों के लिए क्या है खास जानकारी?

UAE में रहने वाले लाखों प्रवासियों के लिए सरकार ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। अधिकारियों ने बताया कि जब भी मिसाइल या ड्रोन का खतरा महसूस होता है, तो एहतियात के तौर पर अलर्ट जारी किए जाते हैं ताकि लोग सुरक्षित रहें। फिलहाल वहां रहने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों को घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि एयर डिफेंस सिस्टम पूरी तरह प्रभावी है। जो लोग यात्रा करने वाले हैं, उन्हें सलाह दी गई है कि वे केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें और स्थानीय नियमों का पालन करें।