संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के एयर डिफेंस सिस्टम ने 1 अप्रैल 2026 को ईरान की ओर से दागी गई 5 बैलिस्टिक मिसाइलों और 35 ड्रोन को सफलतापूर्वक बीच में ही रोककर नष्ट कर दिया। UAE के रक्षा मंत्रालय ने इस खबर की पुष्टि करते हुए बताया कि उनकी सेना देश की सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने के लिए पूरी तरह तैयार है। इस हमले के मलबे की वजह से फुजैरा में एक बांग्लादेशी नागरिक की मौत हुई है और उम्म अल कुवैन में एक भारतीय नागरिक घायल हुआ है। प्रशासन ने प्रवासियों और नागरिकों की सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाए हैं।

प्रवासियों पर क्या असर पड़ा और एयरलाइंस के नए नियम क्या हैं?

इस हमले का सीधा असर खाड़ी में रहने वाले प्रवासियों और यात्रा करने वाले लोगों पर पड़ा है। सुरक्षा कारणों से एमिरेट्स, एतिहाद और फ्लाईदुबई जैसी बड़ी एयरलाइंस ने अपने नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब ईरानी नागरिकों के UAE में प्रवेश और यहां से ट्रांजिट करने पर रोक लगा दी गई है, हालांकि जिनके पास UAE का गोल्डन वीजा है उन्हें इस नियम से छूट दी गई है। फुजैरा में ड्रोन का मलबा एक खेत पर गिरने से वहां काम कर रहे विदेशी नागरिक की जान गई है, जिससे प्रवासियों के बीच सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी है।

खाड़ी के अन्य देशों में क्या हुआ और अब तक का नुकसान कितना है?

1 अप्रैल को हुए इन हमलों का असर केवल UAE तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अन्य पड़ोसी देशों में भी नुकसान की खबरें आई हैं। कतर के समुद्री क्षेत्र में एक ऑयल टैंकर ‘एक्वा 1’ पर मिसाइल से हमला हुआ, वहीं कुवैत एयरपोर्ट के फ्यूल टैंक में ड्रोन हमले के कारण आग लग गई। सऊदी अरब ने भी अपनी सीमा में आने वाले दो ड्रोन को मार गिराया है।

विवरण आंकड़े (1 अप्रैल 2026 तक)
कुल मार गिराई गई बैलिस्टिक मिसाइलें 438
कुल नष्ट किए गए ड्रोन 2,012
कुल मौतें (विदेशी नागरिकों सहित) 12
घायल हुए लोगों की संख्या 190
नष्ट की गई क्रूज मिसाइलें 19

बहरीन के गृह मंत्रालय ने भी बताया है कि उनके यहां एक व्यापारिक केंद्र में आग लगी है। हमलों की शुरुआत से अब तक मरने वालों में भारत, पाकिस्तान, नेपाल, बांग्लादेश, फिलिस्तीन और मोरक्को के नागरिक शामिल हैं। UAE सेना ने कहा है कि वह अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए किसी भी खतरे का मजबूती से सामना करेगी।