UAE की मिनिस्ट्री ऑफ डिफेंस ने शनिवार को एक बड़ी सैन्य कामयाबी की जानकारी दी है. देश के नेशनल एयर डिफेंस सिस्टम ने 23 बैलिस्टिक मिसाइल और 56 ड्रोन (UAVs) को हवा में ही सफलतापूर्वक मार गिराया. यह कार्रवाई एक बड़े हवाई हमले के दौरान की गई, जिसमें सेना के जवानों ने मुस्तैदी दिखाते हुए सभी 79 खतरों को आबादी वाले इलाकों तक पहुंचने से पहले ही खत्म कर दिया. इस समय देश की सुरक्षा इकाइयां हाई अलर्ट पर हैं और किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए तैयार हैं.

🗞️: Iran Bushehr Nuclear Plant Attack: ईरान के न्यूक्लियर प्लांट के पास हमला, खाड़ी देशों के लिए बढ़ा खतरा, जहरीली हवाओं का डर

हमलों और एयर डिफेंस की कार्रवाई की पूरी रिपोर्ट

मिनिस्ट्री ऑफ डिफेंस ने पुष्टि की है कि 4 अप्रैल 2026 को हुए इन हमलों का स्रोत ईरान था. सेना ने रणनीतिक सुरक्षा प्रणालियों का इस्तेमाल करके हर एक मिसाइल और ड्रोन को ट्रैक किया और उन्हें नष्ट कर दिया. अधिकारियों ने बताया कि यह ऑपरेशन UAE की सेना की तकनीकी क्षमता और देश की संप्रभुता की रक्षा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दिखाता है. सेना हर उस हरकत का मजबूती से जवाब देने के लिए तैयार है जो देश की स्थिरता को नुकसान पहुंचाना चाहती है.

अब तक हुए नुकसान और प्रभावित लोगों का विवरण

इन हमलों की वजह से अब तक कुछ जान-माल का नुकसान भी हुआ है, जिससे आम जनता और प्रवासियों के बीच चिंता है. हमलों में सेना के दो जवान और एक मोरक्को के नागरिक की जान चली गई है. इसके अलावा विभिन्न देशों के 10 अन्य नागरिक भी अपनी जान गंवा चुके हैं, जिनमें भारत और पाकिस्तान जैसे देशों के लोग शामिल हैं. घायलों की कुल संख्या 217 तक पहुंच गई है, जिनका इलाज अस्पतालों में किया जा रहा है.

विवरण आंकड़े
शनिवार को गिराए गए कुल टारगेट 79
कुल बैलिस्टिक मिसाइल (अब तक) 498
कुल इंटरसेप्ट किए गए ड्रोन (अब तक) 2,141
मृतक नागरिकों की राष्ट्रीयता भारतीय, पाकिस्तानी, नेपाली, बांग्लादेशी, फिलिस्तीनी, मिस्र
कुल घायल व्यक्ति 217

पिछले कुछ महीनों से चल रहे इन हमलों के बीच UAE सरकार ने साफ कर दिया है कि सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा किया गया है. खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों, विशेषकर भारतीयों और पाकिस्तानियों के लिए यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि वे यहां बड़ी संख्या में काम करते हैं. सेना ने भरोसा दिलाया है कि आसमान से आने वाले हर खतरे को रोकने के लिए डिफेंस बैटरी को पूरे देश में एक्टिव रखा गया है.