यूएई एयर डिफेंस फोर्सेस ने 4 अप्रैल को ईरान की तरफ से किए गए एक बड़े हमले को नाकाम कर दिया है। सेना ने 23 बैलिस्टिक मिसाइल और 56 ड्रोन को सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट किया। इस हमले के बाद हबशान गैस सुविधा में मिसाइलों का मलबा गिरने से आग लग गई थी। इस घटना ने क्षेत्र में रहने वाले प्रवासियों की चिंता बढ़ा दी है क्योंकि इसमें कई देशों के नागरिक प्रभावित हुए हैं।

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अब तक हुए हमलों में कितनी हुई जान-माल की हानि?

आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस हमले में यूएई सशस्त्र बलों के 2 जवान शहीद हुए हैं। इसके साथ ही एक मोरक्कन नागरिक ठेकेदार की भी मौत हुई है। हमले की चपेट में 10 अलग-अलग देशों के लोग आए हैं, जिनमें भारत, पाकिस्तान, नेपाल, बांग्लादेश, फिलिस्तीन और मिस्र के नागरिक शामिल हैं। कुल 217 लोग घायल बताए जा रहे हैं जिनका इलाज अस्पताल में चल रहा है और उनकी हालत मामूली से लेकर गंभीर बताई गई है।

यूएई एयर डिफेंस द्वारा नष्ट किए गए खतरों का डेटा

अधिकारियों ने बताया कि हमलों की शुरुआत से लेकर अब तक यूएई ने बहुत ही मुस्तैदी से काम किया है। नीचे दिए गए टेबल में अब तक नष्ट किए गए हथियारों की जानकारी दी गई है:

हथियार का प्रकार नष्ट की गई कुल संख्या
बैलिस्टिक मिसाइल 498
क्रूज मिसाइल 23
ड्रोन (Drone) 2,141

रक्षा मंत्रालय की तैयारी और सुरक्षा स्थिति

यूएई के रक्षा मंत्रालय ने बार-बार कहा है कि वे किसी भी खतरे से निपटने के लिए हाई अलर्ट पर हैं। हबशान गैस संयंत्रों को सुरक्षा को देखते हुए 3 अप्रैल को ही बंद कर दिया गया था क्योंकि मलबे से आग लगने का खतरा बना हुआ था। मंत्रालय ने यह भी बताया कि ईरान ने यूएई में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर भी हमले की कोशिश की है। राज्य की संप्रभुता और स्थिरता को बनाए रखने के लिए सेना पूरी ताकत से जवाब दे रही है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.